गाजीपुर। मानव उत्थान सेवा समिति के तत्वावधान में आयोजित सात दिवसीय ‘श्रीमद् भागवत सद्भावना सत्संग ज्ञानयज्ञ’ का समापन सलेमपुर बघाई स्थित शहीद चंद्रशेखर आज़ाद इंटर कॉलेज मैदान में भव्य रूप से हुआ। कार्यक्रम में हजारों श्रद्धालुओं की उपस्थिति रही।read more:https://pahaltoday.com/kgmc-team-inspected-the-arrangements-of-jal-jeevan-mission-in-jarota/
देवभूमि उत्तराखंड से पधारे परम् पूज्य विभु जी महाराज ने अपने संबोधन में कहा कि सद्भावना की शक्ति से ही भारत विश्व गुरु बनेगा। उन्होंने कहा कि हमारे ऋषि-मुनियों ने सदैव “सर्वे भवन्तु सुखिनः” की कामना की है और हमें भी अपने जीवन में सद्भावना को अपनाना चाहिए। उन्होंने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि आज का युवा दिशाहीन हो रहा है, जिसका प्रमुख कारण अध्यात्म से दूरी है। यदि युवा अपनी शक्ति को पहचानकर अध्यात्म से जुड़ जाए, तो वह जीवन की हर चुनौती को सहजता से पार कर सकता है। उन्होंने मन पर नियंत्रण की आवश्यकता बताते हुए कहा कि “मन ही मनुष्य के बंधन और मोक्ष का कारण है,” इसलिए मन की गुलामी से बाहर निकलकर सार्थक जीवन जीना सीखना होगा। इस अवसर पर सिद्धपीठ हथियाराम मठ के पीठाधिपति महामंडलेश्वर भवानी नंदन यति जी महाराज ने कहा कि भक्त और भगवान के बीच सच्चे प्रेम का संबंध होता है। उन्होंने विभु जी महाराज के क्षेत्र में आगमन को सौभाग्य बताते हुए श्रद्धालुओं से उनके बताए मार्ग पर चलने का आह्वान किया। समापन दिवस पर हवन-पूजन का आयोजन किया गया, जिसमें विभु जी महाराज सहित अन्य संतों और अतिथियों ने आहुति दी। वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच विधिवत पूजा-अर्चना संपन्न हुई। इस दौरान विभु जी महाराज ने नवनिर्मित आनंद भवन का उद्घाटन भी किया। कार्यक्रम में पूर्व आईएएस मार्कंडेय राय, पूर्व सांसद राधे मोहन सिंह, पूर्व मंत्री रमाशंकर राजभर सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन डॉ. संतोष कुमार यादव ने किया।