रोहिलखंड विश्वविद्यालय में रोजगारपरक शिक्षा की नई पहल, उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप बदलेंगे पाठ्यक्रम

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बरेली,  महात्मा ज्योतिबा फुले रोहिलखण्ड विश्वविद्यालय में आज एक ऐतिहासिक और दूरगामी परिणाम वाली बैठक आयोजित की गई। मा० कुलपति प्रो० अनिल कुमार राय की अध्यक्षता में गठित “एकेडमिक एक्सीलेंस एडवाइजरी समिति” की महत्वपूर्ण बैठक में देश के विभिन्न विश्वविद्यालयों के पूर्व कुलपतियों, प्रख्यात शिक्षाविदों एवं विषय विशेषज्ञों ने भौतिक तथा वर्चुअल माध्यम से सहभागिता की।अपनी दूरदर्शी सोच और गतिशील नेतृत्व के लिए जाने जाने वाले कुलपति प्रो० अनिल कुमार राय के मार्गदर्शन में आयोजित इस बैठक का मुख्य उद्देश्य राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 (NEP-2020) के उद्देश्यों को प्रभावी रूप से क्रियान्वित करना तथा विश्वविद्यालय के पाठ्यक्रमों को अधिक व्यावहारिक, उद्योगोन्मुखी और रोजगारपरक बनाना रहा।बैठक में सम्मिलित प्रख्यात शिक्षाविदों में प्रो० एस०पी० सिंह, प्रो० अनिल कुमार त्यागी, प्रो० सुधीर सिंह, प्रो० दुर्गेश पंत, डॉ० राम सिंह, प्रो० कमल किशोर, प्रो० संजय गर्ग, प्रो० ओमेन्द्र कुमार, प्रो० आनंद प्रकाश त्रिपाठी, प्रो० संजय मिश्रा, प्रो० मनोज कुमार पाण्डेय, प्रो० अमिताभ शुक्ला, प्रो० तरुण कुमार, प्रो० मधुरेन्द्र कटियार, प्रो० पीयूष चौधरी, प्रो० यश पटेल, प्रो० कुमार सौरभ, प्रो० आदित्य कुमार मिश्रा, प्रो० जितेन्द्र कुशवाहा तथा प्रो० नरेश गौतम आदि प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।बैठक में समिति के सदस्यों ने विश्वविद्यालय के वर्तमान पाठ्यक्रमों की सूक्ष्म समीक्षा करते हुए उन्हें उद्योग जगत की आवश्यकताओं एवं वैश्विक परिदृश्य के अनुरूप अद्यतन किए जाने पर विशेष बल दिया। कुलपति प्रो० अनिल कुमार राय की संकल्पना के अनुरूप, समिति ने सुझाव दिया कि पाठ्यक्रमों में उद्योग-विशिष्ट मॉड्यूल सम्मिलित किए जाएं तथा विभिन्न पाठ्यक्रम समितियों में उद्योग विशेषज्ञों को नामित किया जाए, जिससे विद्यार्थियों को अध्ययन काल के दौरान ही व्यावहारिक अनुभव प्राप्त हो सके।विश्वविद्यालय को राष्ट्रीय स्तर पर अग्रणी संस्थान के रूप में स्थापित करने के कुलपति महोदय के प्रयासों की समिति ने मुक्त कंठ से सराहना की।read more:https://pahaltoday.com/ballia-police-receive-two-modern-interceptor-bikes-sp-omvir-singh-flags-them-off/ शिक्षाविदों ने विद्यार्थियों की कौशल वृद्धि एवं रोजगार क्षमता को सुदृढ़ करने के लिए विभिन्न अल्पकालिक, प्रमाणपत्र (Certificate) एवं डिप्लोमा (Diploma) पाठ्यक्रम प्रारम्भ किए जाने की संस्तुति की। साथ ही यह भी सुझाव दिया गया कि ऐसे कौशल आधारित कार्यक्रम विकसित किए जाएँ, जिनसे विद्यार्थी केवल नौकरी तलाशने वाले (Job Seekers) न रहकर रोजगार सृजक (Job Providers) बन सकें।बैठक में एविएशन, फार्मेसी, चिकित्सा तथा भारतीय ज्ञान परम्परा एवं मूल्यों पर आधारित नवीन पाठ्यक्रमों के विकास पर विस्तृत चर्चा हुई। विकसित भारत @2047 के लक्ष्यों को ध्यान में रखते हुए, विदेशी भाषाओं में दक्षता विकास, विदेशी विश्वविद्यालयों के साथ MoUs, छात्र क्लबों का गठन, तथा परिसर में योग केन्द्र, मेडिटेशन सेंटर और हैप्पीनेस सेंटर की स्थापना पर सहमति व्यक्त की गई।कुलपति प्रो० अनिल कुमार राय के नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देने के विज़न को आगे बढ़ाते हुए, समिति ने परिसर में भारतीय ज्ञान परम्परा अनुसंधान केन्द्र तथा “कौशल मण्डपम्” नामक कौशल विकास केन्द्र स्थापित करने का सुझाव दिया। साथ ही, इन्क्यूबेशन फाउंडेशन के माध्यम से स्टार्टअप्स और उद्यमियों की संख्या बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया।बैठक के अंत में मा० कुलपति महोदय ने सभी शिक्षाविदों एवं विशेषज्ञों का हार्दिक आभार व्यक्त करते हुए आश्वासन दिया कि समिति द्वारा प्राप्त बहुमूल्य सुझावों के आधार पर विश्वविद्यालय की शैक्षणिक गतिविधियों को और अधिक गुणवत्तापूर्ण, नवाचारयुक्त तथा रोजगारोन्मुखी बनाया जाएगा। उनके इस दूरदर्शी नेतृत्व में विश्वविद्यालय का लक्ष्य विद्यार्थियों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है, जिससे विश्वविद्यालय शिक्षा के क्षेत्र में एक नया मानक स्थापित कर सके।

मीडिया सेल, एमजेपीआरयू, बरेली

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