भदोही। नारी शक्ति वंदन अभियान के अन्तर्गत उत्तर प्रदेश के सभी 75 जनपदों में कार्यक्रम व नारी शक्ति वंदन विषयक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जनपद भदोही में नारी शक्ति वंदन अधिनियम के सन्दर्भ में जागरूकता गोष्ठी कार्यक्रम में मुख्य विकास अधिकारी बाल गोविन्द शुक्ल, डॉ. ऋचा संस्कृत विभाग प्रभारी, डॉ. अंशु बाला राजनीति विज्ञान विभाग प्रभारी, डॉ. उष्मा यादव असिस्टेंट प्रोफेसर संस्कृत, डॉ. ज्योति यादव असिस्टेंट प्रोफेसर हिंदी, अधिवक्ता बंदना यादव, की गरिमामयी उपस्थिति में विकास भवन सभागार में हर्षोल्लास के साथ सम्पन्न हुआ। उक्त कार्यक्रम, जिला प्रशासन व सूचना विभाग के सौजन्य से सम्पन्न हुआ।read more:https://khabarentertainment.in/aaradhya-choudhary-brought-laurels-to-her-school-and-parents-by-scoring-95-in-her-class-10-cbse-examsद्वीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारम्भ किया गया। नारी शक्तियों ने अपने संबोधन में कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम केवल राजनीतिक आरक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह महिलाओं को नेतृत्व एवं निर्णय प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण एवं ऐतिहासिक पहल है। उन्होंने कहा कि इस अधिनियम के माध्यम से संसद एवं विधानसभाओं में महिलाओं की भागीदारी में वृद्धि होगी, जिससे नीति-निर्माण में शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा एवं सामाजिक सरोकारों से जुड़े विषयों को और अधिक प्राथमिकता मिलेगी। उन्होंने आगे कहा कि यह अधिनियम लैंगिक समानता को सुदृढ़ करने के साथ-साथ समाज में महिलाओं की भूमिका को लेकर स्थापित रूढ़िवादी धारणाओं में सकारात्मक परिवर्तन लाने में सहायक सिद्ध होगा तथा महिलाओं एवं बालिकाओं को आत्मविश्वास एवं प्रेरणा प्रदान करेगा। नारी शक्तियों द्वारा यह भी उल्लेख किया गया कि केन्द्र एवं राज्य सरकार महिलाओं एवं बालिकाओं के सर्वांगीण विकास हेतु निरंतर प्रतिबद्ध हैं। इस क्रम में बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना, कन्या सुमंगला योजना, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, पोषण अभियान, राष्ट्रीय महिला कोष, उत्तर प्रदेश महिला सामर्थ्य योजना, वन स्टॉप सेंटर योजना, 181 महिला हेल्पलाइन, सुकन्या समृद्धि योजना सहित उज्ज्वला योजना, आयुष्मान भारत योजना, विधवा पेंशन एवं वृद्धावस्था पेंशन जैसी विभिन्न योजनाएँ प्रभावी रूप से संचालित की जा रही हैं। इन योजनाओं के माध्यम से महिलाओं एवं बालिकाओं की शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, सुरक्षा एवं आर्थिक आत्मनिर्भरता को सुदृढ़ किया गया है, जिससे उन्हें समाज में समान अवसर एवं अधिकार प्राप्त हो रहे हैं।