भदोही। दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम-2016 के प्रभावी क्रियान्वयन, दिव्यांगजनों के अधिकारों की सुरक्षा तथा उन्हें सुलभ एवं त्वरित न्याय उपलब्ध कराने के उद्देश्य से गुरुवार को जिला पंचायत रिसोर्स सेंटर (डीपीआरसी), कंसापुर, ज्ञानपुर में राज्य आयुक्त, दिव्यांगजन, उत्तर प्रदेश प्रोफेसर हिमांशु शेखर झा की अध्यक्षता में दिव्यांगजन मोबाइल कोर्ट का आयोजन किया गया। जिसमें जनपद के विभिन्न क्षेत्रों से आए दिव्यांगजनों एवं उनके अभिभावकों द्वारा कुल 206 शिकायतें एवं समस्याएं प्रस्तुत की गईं। राज्य आयुक्त ने 135 प्रकरणों की गंभीरतापूर्वक सुनवाई कर उनका निस्तारण कराया। शेष प्रकरणों को संबंधित विभागीय अधिकारियों को प्रेषित करते हुए प्राथमिकता के आधार पर गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। अनेक मामलों का मौके पर ही समाधान कराया गया।read more:https://khabarentertainment.in/ghosiya-nagar-panchayats-entire-system-collapsed-during-just-five-minutes-of-rain/
सुनवाई के दौरान दिव्यांग बच्चों की निःशुल्क एवं समावेशी शिक्षा, शैक्षणिक संस्थानों एवं सरकारी सेवाओं में आरक्षण, दिव्यांगता प्रमाण-पत्र एवं दिव्यांग पेंशन, अन्य कल्याणकारी योजनाओं का लाभ, दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम-2016 के अंतर्गत प्रदत्त अधिकार, दिव्यांगता के आधार पर भेदभाव से संबंधित शिकायतें पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। प्रोफेसर हिमांशु शेखर झा ने कहा कि शासन की मंशा है कि प्रत्येक दिव्यांगजन को उसके अधिकारों एवं शासन द्वारा संचालित सभी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ बिना किसी भेदभाव के समयबद्ध रूप से उपलब्ध कराया जाए।
उन्होंने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय, संवेदनशीलता एवं उत्तरदायित्व के साथ कार्य करते हुए दिव्यांगजनों की समस्याओं का त्वरित एवं प्रभावी समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।