बरेली में इलाहाबाद उच्च न्यायालय के आदेश के अनुपालन में जिला प्रोबेशन अधिकारी के निर्देशन में संचालित ऑपरेशन मुक्ति अभियान के तहत बेसहारा, लावारिस एवं दयनीय स्थिति में रह रहे बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों के लिए विशेष रेस्क्यू अभियान चलाया जा रहा है।read more:https://pahaltoday.com/voluntary-childlessness-the-need-of-the-hour/
अभियान के दौरान रेलवे स्टेशन, प्रमुख चौराहों, धार्मिक स्थलों, तहसीलों और अन्य सार्वजनिक स्थानों से अब तक कुल 10 जरूरतमंद व्यक्तियों को सुरक्षित रेस्क्यू कर उनका पुनर्वास कराया गया।
अभियान के अंतर्गत 23 जनवरी से 13 जून 2026 तक रेलवे जंक्शन बरेली, तहसील आंवला, सदर, नवाबगंज और विशारतगंज रेलवे स्टेशन सहित विभिन्न स्थानों से 7 बच्चों, 2 मानसिक रूप से अविकसित महिलाओं और 1 वृद्ध पुरुष को सुरक्षित रेस्क्यू किया गया। इनमें 3 बालक और 4 बालिकाओं को चाइल्ड हेल्पलाइन टीम ने कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद उनके परिजनों को सुपुर्द किया तथा उन्हें दोबारा घर से न भागने के लिए काउंसलिंग भी दी गई।रेस्क्यू की गई दो मानसिक रूप से अविकसित महिलाओं में से एक को राजकीय महिला शरणालय एवं मानसिक रूप से अविकसित महिलाओं के प्रकोष्ठ में भर्ती कराया गया, जहां विशेषज्ञ चिकित्सकों की निगरानी में उपचार और काउंसलिंग जारी है। दूसरी महिला को उसके माता-पिता से संपर्क कर सुरक्षित उनके सुपुर्द कर दिया गया। वहीं रेस्क्यू किए गए वृद्ध पुरुष को मानसिक रूप से सामान्य करने के बाद वृद्धाश्रम में आश्रय दिलाया गया, जहां उनके रहने और भोजन की समुचित व्यवस्था की गई है।जिला प्रोबेशन अधिकारी ने बताया कि उच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप समाज के अंतिम पायदान पर खड़े निराश्रित, असहाय और जरूरतमंद लोगों के अधिकारों की रक्षा तथा उनका पुनर्वास प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने आमजन से अपील की कि यदि कहीं कोई बच्चा, महिला या वृद्ध लावारिस अथवा दयनीय अवस्था में मिले तो इसकी सूचना तत्काल संबंधित विभाग को दें। उन्होंने कहा कि जनपद में इस प्रकार के रेस्क्यू एवं चेकिंग अभियान आगे भी लगातार और सख्ती के साथ जारी रहेंगे।