कोटा डोरिया को मिलेगी नई पहचान, पूर्वोत्तर के एरी सिल्क से होगा संगम

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कोटा, । राजस्थान के पारंपरिक कोटा डोरिया और पूर्वोत्तर भारत के प्रसिद्ध एरी सिल्क को मिलाकर नया प्रीमियम फैब्रिक विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल शुरू हुई है। रविवार को कोटा स्थित लोकसभा कैंप कार्यालय में केंद्रीय पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्रालय (DoNER) के सचिव श्री संजय जाजू और फैशन डिजाइनरों व बुनकरों के प्रतिनिधिमंडल ने लोकसभा अध्यक्ष श्री ओम बिरला से मुलाकात की।read more:https://worldtrustednews.in/grand-bhandara-of-ultimed-multi-solutions-pvt-ltd-on-tuesday-19th-may/श्री बिरला ने कहा कि कोटा डोरिया केवल एक वस्त्र नहीं, बल्कि हाड़ौती की पहचान और यहां के बुनकरों की मेहनत का प्रतीक है। इसे पूर्वोत्तर के एरी सिल्क के साथ जोड़कर नया फैब्रिक तैयार करने से देश की दो समृद्ध हस्तकरघा परंपराओं को नई पहचान मिलेगी और कारीगरों के लिए नए अवसर भी बनेंगे। उन्होंने कहा कि यह पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘5F Vision’ – Farm to Fibre, Fibre to Fabric, Fabric to Fashion, Fashion to Foreign – को आगे बढ़ाने वाली है।प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि इस पहल से राजस्थान और पूर्वोत्तर क्षेत्र के बुनकरों एवं कारीगरों को नए अवसर मिलेंगे और भारतीय हस्तकरघा उत्पादों को वैश्विक बाजार में नई पहचान मिलेगी। कोटा के फैशन डिजाइनरों ने भी प्रस्तावित टेक्सटाइल फ्यूजन को लेकर अपने सुझाव साझा किए।

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