हरिकृष्ण कश्यप कानपुर देहात के मेडिकल कॉलेज के लिए मंगलवार का दिन ऐतिहासिक बन गया। मेडिकल कॉलेज में स्पाइन की पहली सफल सर्जरी कर डॉक्टरों ने निराश हो चुके युवक के जीवन में एक बार फिर उम्मीद की किरणें बिखेर दीं। मालूम हो कि 24 वर्षीय हर्ष छत से गिर गया था, जिससे उसकी कमर की हड्डी टूट गई थी। वह चलने-फिरने में पूरी तरह असमर्थ हो गया था। गरीब परिवार के हर्ष के सामने अंधेरा छा गया था। परिजन उसे उपचार के लिए बड़ी उम्मीद के साथ राजकीय मेडिकल कॉलेज कानपुर देहात लेकर आए।यहां पहले परिजनों ने मेडिकल कॉलेज के प्रसिद्ध ऑर्थो सर्जन डॉ आरके गौतम को ओपीडी में दिखाया। डॉ गौतम ने हर्ष की गंभीरता को देखते हुए उसे मेडिकल कॉलेज के कुशल न्यूरो सर्जन डॉ श्याम गोपाल वर्मा (डॉ एसजी वर्मा) के पास रेफर किया।
*और यहीं से मानवता की मिसाल शुरू हुई।*
दोनों ही चिकित्सकों की निगाहें गरीब हर्ष पर पड़ीं और दोनों ने मानवता का परिचय देते हुए हर्ष का निशुल्क उपचार करने का निर्णय लिया। मेडिकल कॉलेज के न्यूरो सर्जन डॉ श्याम गोपाल वर्मा एवं उनकी पूरी टीम तथा ऑर्थो सर्जन डॉ आरके गौतम, एवं हड्डी विभाग के एसआर डॉ शाहिद एवं उनकी टीम ने संयुक्त रूप से मेडिकल कॉलेज की ओटी में हर्ष के स्पाइन की जटिल सर्जरी को सफलतापूर्वक अंजाम दिया। यह जनपद कानपुर देहात मेडिकल कॉलेज में स्पाइन की पहली सफल सर्जरी है।
*मरीज अब अपने पैरों पर चलने लगा, बोला – डॉक्टर ईश्वर की प्रतिमूर्ति हैं*
इस खबर में सबसे बड़ी राहत की बात यह है कि उपरोक्त मरीज की सर्जरी पूरी तरीके से सफल रही और मरीज अपनी स्वेच्छा से हल्का-फुल्का चलने फिरने लगा है।
मरीज हर्ष ने खुद भावुक होते हुए उपरोक्त डॉक्टरों की टीम का अभिनंदन करते हुए कहा है कि “उपरोक्त डॉक्टरों की टीम मेरे लिए ईश्वर की प्रतिमूर्ति सिद्ध हुई है। मेरी निराश जिंदगी में उपरोक्त डॉक्टरों की टीम ने एक नई रोशनी भरी है, अब मैं चलने फिरने लायक हो रहा हूं।”परिजनों ने भी कहा कि दोनों डॉक्टर उनके लिए भगवान हैं। उन्होंने दोनों चिकित्सकों के मानवतावादी व्यवहार की दिल खोलकर प्रशंसा की और बताया कि हर्ष की सर्जरी पूरी तरह निशुल्क की गई है।इस सफलता पर न्यूरो सर्जन डॉ एसजी वर्मा एवं ऑर्थो सर्जन डॉ आरके गौतम ने संयुक्त रूप से कहा कि “अब मेडिकल कॉलेज कानपुर देहात में ही स्पाइन की सर्जरी की जाएगी, किसी भी मरीज को सर्जरी के लिए दूसरे अस्पतालों में रेफर नहीं किया जाएगा।” डॉ गौतम ने बताया कि हर्ष की हालत अब पूरी तरह अच्छी है।निश्चित रूप से डॉ श्याम गोपाल वर्मा और डॉ आरके गौतम एवं उनकी टीम ने यह साबित कर दिया है कि यदि इरादे नेक हों तो सरकारी मेडिकल कॉलेज में भी बड़े से बड़े ऑपरेशन संभव हैं।