गाजीपुर। विकास भवन सभागार में मुख्य विकास अधिकारी आलोक प्रसाद की अध्यक्षता में आयोजित मासिक किसान दिवस में किसानों ने सिंचाई, बिजली, खाद, बीज, कृषि ऋण, पशुपालन और नहरों से जुड़ी समस्याएं प्रमुखता से उठाईं। सीडीओ ने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिया कि किसान दिवस में प्राप्त प्रत्येक शिकायत का समयबद्ध, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए तथा किसी भी स्तर पर अनावश्यक विलंब न होने पाए।read more:https://worldtrustednews.in/yogi-government-working-to-make-youth-skilled-in-line-with-industry-demand/बैठक में उप कृषि निदेशक विजय कुमार, जिला कृषि अधिकारी समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए किसान मौजूद रहे। किसानों ने कृषि यंत्रों की टोकन धनराशि का भुगतान, सहकारी समितियों पर खाद उपलब्ध कराने, राजापुर में समिति के पुनर्निर्माण, पशुओं के खुरपका-मुंहपका (एफएमडी) टीकाकरण एवं टैगिंग, नलकूप की क्षतिग्रस्त नाली की मरम्मत, विभिन्न माइनरों में पानी की आपूर्ति, वृंदावन में धान क्रय केंद्र स्थापित करने, जर्जर विद्युत लाइन व ट्रांसफार्मर बदलने, किसानों को पेट्रोल-डीजल उपलब्ध कराने तथा यूनियन बैंक की मिर्जाबाद शाखा में केसीसी बनाने जैसी समस्याएं रखीं।सीडीओ आलोक प्रसाद ने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों की आय बढ़ाने, कृषि उत्पादन में वृद्धि तथा आधुनिक तकनीकों के प्रसार के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने कृषि विभाग को निर्देश दिया कि किसानों को उन्नत बीज, संतुलित उर्वरक, प्राकृतिक एवं जैविक खेती, फसल विविधीकरण और आधुनिक कृषि यंत्रों के उपयोग के प्रति नियमित रूप से जागरूक किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसान हित सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसान दिवस में प्राप्त शिकायतों की नियमित समीक्षा की जाएगी।बैठक में उप कृषि निदेशक ने बताया कि कृषि यंत्रों की ऑनलाइन बुकिंग 16 जुलाई से 30 जुलाई 2026 तक की जाएगी। किसान कृषि विभाग के पोर्टल पर आवेदन कर सकते हैं तथा वर्ष में चार से पांच बार बुकिंग का अवसर मिलेगा।सूखे की संभावित स्थिति को देखते हुए किसानों को कम पानी वाली फसलों जैसे ज्वार, बाजरा, मक्का, तिल, सांवा, कोदो और रागी की खेती अपनाने की सलाह दी गई। बताया गया कि इन फसलों के उन्नत बीज कृषि विभाग के निवेश केंद्रों पर उपलब्ध हैं। साथ ही किसानों से प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का लाभ लेने की अपील की गई। अधिकारियों ने जानकारी दी कि पिछले वर्ष 47 हजार किसानों ने योजना में भाग लिया था और बाढ़ व चक्रवात से हुए नुकसान के एवज में 6,448 किसानों को 4.31 करोड़ रुपये का मुआवजा मिला।बैठक में खेत तालाब योजना की भी जानकारी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि 22×20×3 मीटर आकार के खेत तालाब के निर्माण पर 52 हजार रुपये तक का अनुदान दिया जा रहा है। जिले को मिले 12 लक्ष्यों के सापेक्ष 10 आवेदन प्राप्त हो चुके हैं, जबकि दो लक्ष्य अभी शेष हैं। किसानों से अधिक से अधिक आवेदन करने का आह्वान किया गया।बैठक में कृषि, उद्यान, पशुपालन, सिंचाई, विद्युत, राजस्व, सहकारिता, गन्ना, मत्स्य एवं कृषि रक्षा विभाग के अधिकारी तथा बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।