भदोही। मुहल्ला गोरियाना स्थित आरिफे हक हज़रत शाह वलीउल्लाह रहमतुल्लाह अलैहे के 19वां सालाना उर्स के मौके पर बीती रात जश्ने ग़ौसुल वरा कांफ्रेंस का आयोजन किया गया। कांफ्रेंस का आगाज़ क़ुरआने हकिम की तिलावत से हाफिज व कारी अब्दुल माबूद व हाफिज व कारी अनस ने की। उसके बाद मद्दाहे खैरुल अनाम स. शोएब रज़ा वारसी ने पढ़ा आबे जमजम पी लिया पर प्यास बुझती ही नही, अपने दस्ते पाक से कौसर पिला दो या नबी पढा तो लोग मचल गए। शाहकारे हिंदुस्तान शायर हैदर अली अलीगढ़ ने भी नाते रसूले अकरम पढ़ कर लोगो के दिलो को ताजगी बख्शी। मेम्बरे नुर पे जलवा अफरोज हज़रत अल्लामा मौलाना सैयद आदिल रजा कादरी देवसर मध्यप्रदेश ने इस्लाही तकरीर करते हुए कहा कि ऐ मेरे कौम के जवानों तुम चाहते हो कि मस्जिदें सलामत रहे तो अपने कौम के बच्चों को पढ़ाओ, तुम चाहते हो कि मदरसे सलामत रहे तो अपने कौम के बच्चों को तालीम के रौशनी से आरास्ता करो, तुम चाहते हो कि आने वाले नस्ल में तुम्हारी कौम जिंदा रहे और मुस्तफ़ा जाने रहमत की नामुस की पहरेदार रहे तो अपने बच्चों को चाय की दुकान पर नही कालेज पहुंचाओ। तुम्हे सिर्फ लंगर के लिए नही बनाया गया है, तालीम कमेटी कौन बनाएगा, कालेज व यूनिवर्सिटी कौन बनाएगा। श्री कादरी ने कहा आपस मे बुग्ज़ और किना को अपने दिलो से निकाल कर मुत्तहिद हो जाओ, आपस मे मोहब्बत पैदा करो। कहा इत्तेहाद जिंदगी है और एकतलाफ़ मौत है। जब से हमने अपनी अना के मसले ऊपर उठा लिए हमारे घरों के माहौल बद से बदतर हो गए। read more:https://pahaltoday.com/ballia-police-receive-two-modern-interceptor-bikes-sp-omvir-singh-flags-them-off/
आज हमारी कई लाख बेटियां गैरो के साथ जाकर उनके माहौल में ढल गई इसके जिमेदार सब हैं हमारे ओलमा, हमारा समाज और हमारे मां बाप हैं। इसलिए कि हमने ऐसा माहौल फराहम क्यों नही किया कि मेरी कौम किसी गैर की स्लैबस पढ़ने न जाती हमारे कौम में एक ऐसा पर्दे वाला कालेज बन जाता जहां हमारी बेटियां पर्दे के साथ पढ़ने जाती तो कनिजे फातमा बनकर आती। कहा नामुसे रिसालत पर मर मिटने का जज्बा रखो। जिस दिन यह जज्बा पैदा करलोगे तो अल्लाह तुम्हारे सीने से डर को खत्म देगा। कहा जो मुस्तफ़ा के गुलाम बनते है वही जमाने के इमाम बनते हैं। अल्लाह के रसूल ने फरमाया तुम उस वक्त तक मोमिन हो ही नही सकते जब तक अपने बीवी, बच्चों, रिश्तेदारों से ज्यादा मुझसे मोहब्बत न करो। कहा नमाज पढ़ो नबी के वफादार बनो दुनिया झुकती हुई नजर आएगी। हजरत मौलाना हाफ़िज फ़हद अत्तारी ने भी इस्लाही व गौस पाक की सीरते तैयबा पर रौशनी डालते हुए कहा कि आने वाले अपने नस्लो को नबी के बताए हुए रास्ते को दिखाओ। आपका घर ईमान की खुशबू से महकता हुआ नजर आएगा। नमाज को पढ़ो नमाज ही के लिए मैदाने महशर में पूछा जाएगा। मेम्बरे नुर पे जलवा अफ़रोज़ मौलाना अब्दुस्समद ज़ियाई, हाफीज परवेज उर्फ अच्छे मियां, हाफिज अशफ़ाक़ रब्बानी, हाफिज तबरेज आदि लोगो ने स्टेज को ज़ीनत बख्शी। कांफ्रेंस की नेज़ामत कफील अम्बर कलकत्तवी ने की। वहीं कमेटी के सरपरस्त मेराज खां, शमशाद उर्फ चंदु सिद्दीकी, ज़हीर खां, अरसलान खां, अकबर खां उर्फ बल्ला, अमजद खां, आमिर खां, कासिम खां, ज़ुबैर खां, जुनेद खां, नईम खां, ज़फ़र खां, सैयद मुदस्सिर आदि लोगो ने आए हुए सामेइन का खैर मकदम व शुक्रिया अदा किया।