बाराबंकी। गोंडा में कारोबारी विनोद साहनी हत्याकांड के बाद परिवार से मिलने जा रहे भीम आर्मी चीफ, आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद को पुलिस ने बाराबंकी में मसौली के शहाबपुर टोल गेट पर रोक लिया। इस पर भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच बहस और धक्का-मुक्की हुई। नगीना सांसद चंद्रेशखर को जब काफिला रोके जाने की खबर लगी तो वह वाहन से उतरकर पुलिस अधिकारियों के पास पहुंचे। बातचीत के दौरान उनकी पुलिसकर्मियों से तीखी नोकझोंक हुई। इसके बाद वह पुलिस कर्मियों से माफी मांगने की मांग लेकर कार्यकर्ताओं के साथ धरने पर बैठ गए। चंद्रशेखर आजाद का कहना है कि हम इस गुंडागर्दी को बर्दाश्त नहीं करेंगे। अगर यह सब पुलिस संरक्षण में हुआ है तो सरकार और प्रशासन को इसकी जिम्मेदारी लेनी होगी। मैं विनोद साहनी से करीब दो महीने पहले मिला था। वह करनैलगंज से चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे थे। आजाद ने साहनी के परिवार को सुरक्षा, एक सदस्य को सरकारी नौकरी और एक करोड़ मुआवजा दिए जाने की मांग की है। धरने पर बैठे चंद्रशेखर आजाद ने आरोप लगाया कि पुलिस हम लोगों के ऊपर पत्थर फिंकवा रही है। इनसे एक दलित सांसद बर्दाश्त नहीं हो रहा है क्योंकि इनसे आंख में आंख डालकर बात कर रहा है। पुलिस सरासर भाजपा का एजेंट बन गई है। कुछ लोगों को आगे खड़ा करवाकर जातिगत झगड़े करवा रही है। पुलिस के अधिकारी कार्यकर्ता को जाति के आधार पर गाली दे रहे हैं। अपमान कर रहे हैं। लाठी उठा रहे हैं। ये सब इसलिए हो रहा है कि क्योंकि विनोद साहनी की पुलिस से मिलकर हत्या की गई है। पुलिस हमारे दलित और पिछड़ों को सुरक्षा नहीं दे रही है बल्कि हमें रोकने का काम कर रहे हैं।
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रोहिणी घावरी के समर्थकों ने दिखाई तख्तियां
सांसद के रामनगर पहुंचने की सूचना पर डॉ. रोहिणी घावरी के तमाम समर्थक मौके पर पहुंच गए। जिनके हाथों में ‘डॉ. रोहिणी घावरी को इंसाफ दो’ लिखी तख्तियां थीं। सभी सांसद के विरोध में प्रदर्शन करने लगे जिससे मौके पर माहौल तल्ख हो गया। दोनों तरफ के कार्यकर्ता एक दूसरे से भिड़ न जाए, लेकिन पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को वहां से हटाया। धरने के दौरान चंद्रशेखर आजाद ने आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारी पुलिस की शह पर खड़े थे। काफिले में पुलिस की शह पर जूते-चप्पल और पत्थर फेंके गए तथा पुलिस ने उनके कार्यकर्ताओं को डंडों से धकेलकर उत्पीड़ित किया। उन्होंने कहा कि जिस तरह उनका विरोध कराया गया है उसी तरह उनके कार्यकर्ता प्रदेशभर में मुख्यमंत्री के कार्यक्रमों में पहुंचकर विरोध करेंगे।
पत्थर, डंडे फेंकने वाले माफी मांगे: चंद्रशेखर
सांसद ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार दलित सांसद को बर्दाश्त नहीं कर पा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार में पिछड़ा, दलित और मुस्लिम सुरक्षित नहीं हैं। अब सरकार के जाने के दिन आ गए हैं। उन्होंने मांग की कि जिन लोगों ने पत्थर फेंके और डंडा मारा वे सामने आकर माफी मांगें। काफी देर धरना देने के बाद कोई सामने नहीं आया तो उन्होंने लखनऊ जाकर धरना-प्रदर्शन करने की घोषणा की और वापस लौट गए।