बेसिक शिक्षा विभाग, जनपद बहराइच के तत्वावधान में हरियाली रिज़ॉर्ट, बहराइच में “निपुण संकल्प कार्यशाला–2026” का भव्य एवं प्रेरणादायी आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 तथा निपुण भारत मिशन के लक्ष्यों के अनुरूप पबालक-बालिका को बाल वाटिका से कक्षा 5 तक आधारभूत साक्षरता एवं संख्यात्मक ज्ञान (Foundational Literacy & Numeracy) से दक्ष बनाना तथा विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण, आनंददायी एवं गतिविधि-आधारित शिक्षण को और अधिक प्रभावी बनाना था।कार्यक्रम का शुभारम्भ अतिथियों द्वारा माँ सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। इसके उपरान्त छात्र-छात्राओं द्वारा प्रस्तुत सरस्वती वंदना एवं आकर्षक सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने उपस्थित सभी अतिथियों का मन मोह लिया। कार्यक्रम में स्थानीय संस्कृति एवं भारतीय ज्ञान परम्परा की झलक भी देखने को मिली।
कार्यशाला के प्रमुख उद्देश्य
प्रत्येक बच्चे को कक्षा 3 तक निपुण बनाने हेतु साझा संकल्प एवं कार्ययोजना तैयार करना।
निपुण भारत मिशन के लक्ष्यों की प्रभावी क्रियान्विति सुनिश्चित करना।
विद्यालयों में दक्षतामूलक, बाल-केंद्रित एवं गतिविधि-आधारित शिक्षण को प्रोत्साहित करना।
शिक्षकों, खंड शिक्षा अधिकारियों, एआरपी एवं एसआरजी की शैक्षणिक भूमिका को और अधिक सुदृढ़ बनाना।
नवाचारों, श्रेष्ठ प्रथाओं एवं सफल अनुभवों का आदान-प्रदान करना।
नियमित मूल्यांकन, सतत अनुश्रवण एवं शैक्षणिक सहयोग के माध्यम से सीखने के परिणामों में गुणात्मक सुधार लाना।
विद्यालय, शिक्षक, अभिभावक एवं समुदाय के मध्य प्रभावी सहभागिता विकसित करना।
प्रतिभागियों की गरिमामयी उपस्थिति
कार्यशाला में जनपद बहराइच, गोंडा एवं श्रावस्ती के जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों (BSA), संबंधित डायट प्राचार्यों, जनपद बहराइच के मुख्य विकास अधिकारी (CDO), जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS), सहायक निदेशक (बेसिक शिक्षा), सभी खंड शिक्षा अधिकारियों (BEO), स्टेट रिसोर्स ग्रुप (SRG), एकेडमिक रिसोर्स पर्सन (ARP) तथा राज्य परियोजना कार्यालय की निपुण सेल के विशेषज्ञों एवं अधिकारियों ने सहभागिता की।
मुख्य विकास अधिकारी, बहराइच का उद्बोधन
मुख्य विकास अधिकारी ने अपने संबोधन में कहा कि निपुण भारत मिशन केवल एक शैक्षणिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि प्रत्येक बच्चे के उज्ज्वल भविष्य का आधार है। उन्होंने कहा कि प्रशासन एवं शिक्षा विभाग के समन्वित प्रयासों से जनपद के प्रत्येक विद्यालय में गुणवत्तापूर्ण शिक्षण वातावरण विकसित किया जाएगा तथा प्रत्येक बच्चे को निपुण बनाने के लक्ष्य को समयबद्ध रूप से प्राप्त किया जाएगा।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, बहराइच का वक्तव्य
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने कहा कि निपुणता केवल लक्ष्य नहीं, बल्कि हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों, एसआरजी, एआरपी एवं शिक्षकों से विद्यालयों में नियमित शैक्षणिक सहयोग, अनुश्रवण एवं नवाचारों को बढ़ावा देने का आह्वान किया तथा प्रत्येक बच्चे तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुँचाने का संकल्प दोहराया।
जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) का संबोधन
जिला विद्यालय निरीक्षक ने कहा कि बुनियादी शिक्षा की सुदृढ़ नींव ही भविष्य की सम्पूर्ण शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाती है। उन्होंने विभागीय समन्वय एवं गुणवत्ता सुधार के लिए संयुक्त प्रयासों पर बल दिया।raed more:https://khabarentertainment.in/relief-rain-falls-from-the-sky-in-bhadohi-the-carpet-city/
डायट प्राचार्यों के विचार
डायट प्राचार्यों ने शिक्षक क्षमता विकास, सतत व्यावसायिक प्रशिक्षण, दक्षतामूलक शिक्षण एवं प्रभावी मूल्यांकन प्रणाली को निपुण भारत मिशन की सफलता का प्रमुख आधार बताया। उन्होंने कहा कि डायट निरंतर शैक्षणिक सहयोग एवं मार्गदर्शन प्रदान करता रहेगा।
सहायक निदेशक (बेसिक शिक्षा) का संबोधन
सहायक निदेशक (बेसिक शिक्षा) ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए प्रभावी अनुश्रवण, नवाचारों का विस्तार तथा परिणाम आधारित कार्यसंस्कृति अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने सभी अधिकारियों एवं शिक्षकों से मिशन मोड में कार्य करने का आह्वान किया।
राज्य परियोजना कार्यालय की निपुण सेल द्वारा तकनीकी सत्र
राज्य परियोजना कार्यालय की निपुण सेल के विशेषज्ञों ने निपुण भारत मिशन की नवीन रणनीतियों, दक्षतामूलक शिक्षण, एफएलएन संकेतकों, शैक्षणिक मूल्यांकन, टीएलएम के प्रभावी उपयोग, विद्यालय अनुश्रवण एवं डेटा आधारित योजना निर्माण पर विस्तृत तकनीकी प्रस्तुतीकरण दिया। प्रतिभागियों ने विभिन्न शंकाओं का समाधान प्राप्त किया तथा उत्कृष्ट नवाचारों को साझा किया।
खंड शिक्षा अधिकारियों, एसआरजी एवं एआरपी की सहभागिता
खंड शिक्षा अधिकारियों, एसआरजी एवं एआरपी ने अपने-अपने विकासखंडों के सफल नवाचार, उत्कृष्ट शैक्षणिक प्रयास एवं चुनौतियों के समाधान साझा किए। उन्होंने विद्यालय स्तर पर नियमित शैक्षणिक सहयोग, कक्षा अवलोकन एवं दक्षता आधारित शिक्षण को और अधिक प्रभावी बनाने का संकल्प व्यक्त किया।
संकल्प एवं निष्कर्ष
कार्यशाला के समापन पर सभी प्रतिभागियों ने सामूहिक रूप से यह संकल्प लिया कि जनपद के प्रत्येक बच्चे को आधारभूत साक्षरता एवं संख्यात्मक ज्ञान से दक्ष बनाते हुए निपुण भारत मिशन के लक्ष्यों को पूर्ण समर्पण एवं उत्तरदायित्व के साथ प्राप्त किया जाएगा। यह कार्यशाला न केवल ज्ञानवर्धक एवं प्रेरणादायी रही, बल्कि विभिन्न जनपदों के बीच अनुभव साझा करने तथा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए साझा कार्ययोजना तैयार करने का प्रभावी मंच भी सिद्ध हुई। कार्यक्रम में मुख्य विकास अधिकारी सुनील कुमार धनवंता, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी आशीष कुमार सिंह, मंडल के समस्त जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, वित्त एवं लेखा अधिकारी वीरेश कुमार वर्मा जिला समन्वयक निपुण संतोष सिंह, जिला समन्वयक बालिका अनुराग शर्मा, जिला समन्वयक समेकित लाल जी दुबे, जिला समन्वयक प्रशिक्षण प्रदीप कुमार वर्मा, समेत समस्त एआरपी, एसआरजी व शिक्षकों ने प्रतिभाग किया I
अंत में सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों के प्रति जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी आशीष कुमार सिंह ने आभार व्यक्त किया गया तथा विश्वास व्यक्त किया गया कि इस कार्यशाला से प्राप्त अनुभव एवं सुझाव जनपदों में निपुण भारत मिशन को नई गति प्रदान करेंगे।