बिजनौर। उत्तर प्रदेश पुलिस के ऑपरेशन Cy-Vajra अभियान के तहत बिजनौर पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। थाना स्योहारा पुलिस ने हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट (HSRP) के नाम पर फर्जी वेबसाइट बनाकर देशभर में साइबर ठगी करने वाले संगठित गिरोह का पर्दाफाश करते हुए 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से साइबर अपराध में प्रयुक्त बड़ी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, मोबाइल फोन, लैपटॉप, बैंक दस्तावेज, आधार कार्ड, एटीएम कार्ड और नकदी बरामद की है।read more:https://khabarentertainment.in/relief-rain-falls-from-the-sky-in-bhadohi-the-carpet-city/पुलिस के अनुसार राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर विभिन्न राज्यों से प्राप्त शिकायतों के विश्लेषण में सामने आया कि साइबर ठग परिवहन विभाग की आधिकारिक HSRP वेबसाइट की हूबहू नकल कर bookkhsrplate.com एवं bookmyhsrp.com जैसी फर्जी वेबसाइट संचालित कर रहे थे। इन वेबसाइटों के माध्यम से वाहन स्वामियों से HSRP बुकिंग के नाम पर ऑनलाइन भुगतान कराया जाता था और फिर उनके साथ धोखाधड़ी की जाती थी। गिरोह सोशल मीडिया पर फर्जी प्रोफाइल बनाकर निवेश (Investment) के नाम पर भी लोगों को ठगने का काम करता था।जांच के दौरान थाना स्योहारा में दो मामलों में धारा 318(4), 338, 336(3), 340(2), 317(2) बीएनएस तथा धारा 66(D) आईटी एक्ट के अंतर्गत मुकदमे दर्ज किए गए। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए गिरोह के 11 सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया।पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि गिरोह के सदस्य वेबसाइट तैयार करने, फर्जी बैंक खाते खुलवाने, भुगतान की रकम विभिन्न खातों में ट्रांसफर कराने और बाद में उसे आपस में बांटने का काम करते थे। कुछ आरोपी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) का संचालन करते हुए आधार कार्ड का दुरुपयोग कर अलग-अलग व्यक्तियों के नाम पर बैंक खाते खुलवाते थे। इन्हीं खातों में ठगी की रकम जमा कराई जाती थी, जिसे बाद में विभिन्न माध्यमों से निकालकर गिरोह के अन्य सदस्यों तक पहुंचाया जाता था।पुलिस ने मिराजुद्दीन पुत्र जरीफ निवासी मेवा नवादा, थाना स्योहारा, आशिक पुत्र जहीरुद्दीन निवासी सरायगल्ला, थाना स्योहारा, नईम अहमद पुत्र नजमुद्दीन निवासी मकसूदपुर, थाना स्योहारा, असद पुत्र मुनाज्जिम निवासी मेवा नवादा, थाना स्योहारा, रिजवान पुत्र हनीफ निवासी मेवा नवादा, थाना स्योहारा, समर पुत्र शाकिर अली निवासी मोहल्ला चौधरियान कस्बा व थाना स्योहारा, परवेज पुत्र जाहिद निवासी मकसूदपुर, थाना स्योहारा, बिलाल पुत्र इकरामुद्दीन निवासी मेवा नवादा, थाना स्योहारा, इरफान पुत्र मोहब्बत निवासी मेवा नवादा, थाना स्योहारा, अमजद अली पुत्र अनवर अहमद निवासी फैजुल्लापुर, थाना स्योहारा, इलमा चौधरी पुत्री इनामुलहक निवासी मोहल्ला इस्लामनगर, कस्बा व थाना स्योहारा को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से चार लैपटॉप, दो प्रिंटर, एक मॉनिटर, एक कीबोर्ड, एक टैबलेट, टैबलेट चार्जर, 15 स्मार्ट मोबाइल फोन, एक कीपैड मोबाइल, एक फिंगरप्रिंट स्कैनर, एक पेन ड्राइव, 61 आधार कार्ड, 42 बैंक पासबुक, 10 बैंक चेकबुक, 33 डेबिट/क्रेडिट कार्ड, 15 वोटर आईडी कार्ड, 19 पैन कार्ड, चार ड्राइविंग लाइसेंस, एक आयुष्मान कार्ड, एक ई-श्रम कार्ड, पांच पेट्रोल पंप रसीदें, अन्य दस्तावेज, 1.20 लाख रुपये नकद तथा विभिन्न बैंक खातों में मौजूद 88 हजार रुपये सहित कुल लगभग 2.08 लाख रुपये की बरामदगी की है।पुलिस के अनुसार गिरोह का नेटवर्क कई राज्यों तक फैला हो सकता है। गिरफ्तार आरोपियों के बैंक खातों, मोबाइल डेटा और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की गहन जांच की जा रही है, ताकि गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों की पहचान कर उन्हें भी गिरफ्तार किया जा सके।पुलिस अधीक्षक नगर ने बताया कि साइबर अपराधियों के विरुद्ध अभियान लगातार जारी है। लोगों से अपील की गई है कि किसी भी सरकारी सेवा के लिए केवल संबंधित विभाग की आधिकारिक वेबसाइट का ही उपयोग करें तथा किसी भी संदिग्ध वेबसाइट या ऑनलाइन लिंक पर भुगतान करने से पहले उसकी सत्यता अवश्य जांच लें। साइबर धोखाधड़ी होने पर तत्काल 1930 हेल्पलाइन या राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं।