अस्पतालों में फायर सेफ्टी बना मजाक, स्वास्थ्य विभाग ने जारी की नोटिस

Share

बाराबंकी। जिले में निजी अस्पतालों की फायर सेफ्टी व्यवस्था को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने शनिवार को बड़ा अभियान चलाया। अग्नि सुरक्षा मानकों और बेसमेंट में संचालित मेडिकल सेवाओं की जांच के लिए बनाई गई टास्क फोर्स ने शहर के कई निजी अस्पतालों और एक डेंटल क्लीनिक का निरीक्षण किया। जांच के दौरान छह संस्थानों में अलग-अलग तरह की खामियां मिलने पर नोटिस जारी किए गए। इनमें पांच अस्पतालों को तीन दिन के भीतर फायर सेफ्टी से जुड़ी कमियां दूर करने का अल्टीमेटम दिया गया है, जबकि एक डेंटल क्लीनिक बिना रजिस्ट्रेशन संचालित मिलता पाया गया। निरीक्षण के दौरान टास्क फोर्स ने श्री साई हॉस्पिटल एंड सर्जिकल सेंटर, आसरा हॉस्पिटल, पटेल नर्सिंग होम एंड सर्जिकल सेंटर, वसुकृष्णा नर्सिंग होम और श्री केसरीनंदन हॉस्पिटल का निरीक्षण किया। जांच में कई जगह आपातकालीन निकास द्वार के संकेतक नहीं मिले। इसके अलावा फायर अलार्म, स्मोक एग्जॉस्ट या एग्जॉस्ट सिस्टम जैसी जरूरी व्यवस्थाएं भी अधूरी पाई गईं। कई अस्पतालों में सूचना प्रदर्शित करने वाला डिस्प्ले बोर्ड भी बाहर नहीं लगाया गया था।read more:https://khabarentertainment.in/cunning-man-arrested-for-pressuring-woman-into-marriage-through-blackmail/स्वास्थ्य विभाग ने सभी संबंधित अस्पतालों को नोटिस जारी कर तीन दिन के भीतर सभी कमियां दूर करने के निर्देश दिए हैं। कुछ अस्पतालों में फायर सेफ्टी के लिए कार्बन डाईऑक्साइड आधारित उपकरण भी उपलब्ध नहीं मिले, जिन्हें तत्काल लगाने को कहा गया है। विभाग ने साफ किया है कि तय समय के भीतर निर्देशों का पालन नहीं होने पर आगे नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। निरीक्षण के दौरान आशीर्वाद डेंटल क्लीनिक भी जांच के दायरे में आया। यहां बीडीएस डॉक्टर कार्यरत मिले, लेकिन क्लीनिक का रजिस्ट्रेशन नहीं कराया गया था। इस पर स्वास्थ्य विभाग ने क्लीनिक संचालक को नोटिस जारी करते हुए पहले रजिस्ट्रेशन कराने और बिना रजिस्ट्रेशन क्लीनिक का संचालन नहीं करने के निर्देश दिए। यह कार्रवाई अग्नि सुरक्षा मानकों और बेसमेंट में संचालित मेडिकल सेवाओं की जांच के लिए गठित टास्क फोर्स ने की। निरीक्षण दल में स्वास्थ्य विभाग के डा. एलबी गुप्ता, चिकित्सा पंजीकरण के नोडल अधिकारी जितेंद्र कुमार शुक्ला और चिकित्सा पंजीकरण शाखा के वरिष्ठ पटल सहायक शामिल रहे। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि मरीजों की सुरक्षा से जुड़े मानकों का पालन सुनिश्चित कराने के लिए ऐसे निरीक्षण आगे भी जारी रहेंगे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *