राष्ट्रीय नागरिक पार्टी, अध्यक्ष, कृष्ण कुमार गौतम ने भारत की राष्ट्रपति, प्रधान मंत्री सहित भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त को लिखित रूप से ज्ञापन भेजकर मांग की गई, कि विश्व में भारत के लोकतान्त्रिक गणराज्य व्यवस्था की ख्याति हैं। जहां का संविधान नागरिकों अर्थात स्त्री, पुरूष और किन्नर समाज को शिक्षित, विकसित और सुरक्षित रखने के साथ साथ समतामूलक नागरिक प्रतिनिधित्व प्रदान करने की प्रावधान किए गए। जहां एक ऐसी सरकार को संदर्भित करता हैं, जो जनता के लिए, जनता के द्वारा, और जनता की होती हैं, इस व्यवस्था में जनता अपने प्रतिनिधियों जैसे सांसद, विधायक को वोट के द्वारा चुनती हैं, बल्कि जनता सीधे या अप्रत्यक्ष से एक निश्चित अवधि के लिए चुनाव करती हैं। इस सब के भारत के चुनाव आयोग ने पहले कागज पर, फिर मशीनीकृत व्यवस्थित ढंग से मतदान कराने में सफल भूमिका निभाता हैं।आज भारत ने आधार कार्ड, डिजिटल प्रौद्योगिकीय, बायोमेट्रिक पहचान, इंटर्नेट कनेक्टिविटी और प्रशासनिक प्रणालियों में उल्लेखनीय प्रगति की हैं। इसलिए अब एक ऐसी प्रणाली को विकसित करने की आवश्यकता, जो लोकतन्त्र की विश्वसनीयता, निष्पक्षता, और पारदर्शिता को मजबूत करने के लिए मतदाता की पूर्ण और परिशुद्ध पहचान सुनिश्चित करना जरूरी हैं। बायोमेट्रिक पहचान आधारित मतदान प्रणाली फर्जी मतदान, मृत या काल्पनिक नागरिकों अर्थात स्त्री, पुरूष और किन्नर के नाम पर मतदान तथा अन्य चुनावी अनियमितताओं को रोकने में कारगर साबित हो सकती हैं।बायोमेट्रिक पहचान आधारित मतदान प्रणाली विकसित होने से मतदान की पहचान सुरक्षित, परिशुद्ध और विश्वसनीय तरीके से सत्यापित की जाए। साथ ही, यह भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि ऐसी किसी भी नई प्रणाली में नागरिकों की व्यक्तिगत आजादी,संवैधानिक अधिकार और अवसर की समता की समता पूरी तरह संरक्षित हों।
राष्ट्रीय नागरिक पार्टी की भारत की राष्ट्रपति से मांग हैं कि राष्ट्र में होने वाले किसी भी चुनाव के मतदान को बायोमेट्रिक पहचान आधारित मतदान प्रणाली से कराए जाए। बायोमेट्रिक पहचान आधारित मतदान प्रणाली विकसित करने के लिए भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त को निर्देशित तथा राष्ट्र के नागरिकों को मतदान की प्रकिया, स्वतन्त्र व निष्पक्ष, पारदर्शि और भरोसे की गारंटी स्थापित करें।