बेंगलुरु। कर्नाटक में लंबे समय से चली आ रही लीडरशिप की खींचतान पर आखिरकार विराम लग ही गया। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सिद्धारमैया के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफे के बाद अब डीके शिवकुमार राज्य के सीएम बनने जा रहे हैं। सूत्रों ने संकेत दिया कि कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार के अगले मुख्यमंत्री के तौर पर 1 जून या 3 जून को शपथ लेने की संभावना है। सिद्धारमैया ने अपने उपमुख्यमंत्री का समर्थन किया है ताकि वे उनके उत्तराधिकारी बन सकें, और उन्होंने सभी से उनका समर्थन करने का आग्रह किया है। उन्होंने अपने मंत्रिमंडल के सहयोगियों और विधायकों के साथ हुई एक बैठक के दौरान यह घोषणा की थी। इस्तीफ़ा देने के बाद एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए सिद्धारमैया ने कहा कि पार्टी आलाकमान ने उनसे पद छोड़ने के लिए कहा था और उनके लिए राज्य का हित सर्वोपरि है। उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने पहले भी कई मौकों पर इस्तीफ़ा देने की पेशकश की थी। सिद्धारमैया ने यह भी बताया कि उन्हें राज्यसभा की सीट की पेशकश की गई थी, लेकिन उन्होंने इसे स्वीकार करने से इनकार कर दिया।read more:https://pahaltoday.com/supporting-the-abraham-accord-would-be-a-suicidal-step-for-pakistan/उन्होंने कहा कि कर्नाटक की जनता ने उन्हें पाँच साल के लिए चुना है और वे राज्य में रहकर ही उनकी सेवा करते रहेंगे। सिद्धारमैया ने सोनिया गांधी, राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे को उन्हें यह अवसर देने के लिए धन्यवाद दिया, और साथ ही कहा कि राज्य सरकार के पास अभी भी पूर्ण बहुमत है। दिल्ली में लिखी गई बदलाव की पटकथा कर्नाटक में इस बड़े फेरबदल की स्क्रिप्ट मंगलवार को दिल्ली में लिखी गई थी। कांग्रेस आलाकमान ने सिद्धारमैया और डी.के. शिवकुमार को अचानक दिल्ली तलब किया था। पार्टी मुख्यालय में कई दौर तक चली इस हाई-प्रोफाइल बैठक में राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, के.सी. वेणुगोपाल और रणदीप सुरजेवाला शामिल हुए थे। इसी बैठक में पार्टी नेतृत्व ने सिद्धारमैया से कर्नाटक की कमान डी.के. शिवकुमार को सौंपने और इस बदलाव को सहज बनाने का आग्रह किया था, जिसे स्वीकार करते हुए सिद्धारमैया ने बेंगलुरु लौटते ही अपने कदम पीछे खींच लिए। अब सभी की नजरें जून के पहले हफ्ते में होने वाले भव्य शपथ ग्रहण समारोह पर टिकी हैं।