पंचायतों में महिलाओं की भागीदारी और संवैधानिक अधिकारों पर मंथन

Share
जौनपुर। राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस के अवसर पर शुक्रवार को  जन कल्याण फाउंडेशन की ओर से परियोजना कार्यालय, चुंगी चौराहा मछलीशहर में संगोष्ठी एवं संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में पंचायतों को सशक्त बनाने, महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने तथा संवैधानिक मूल्यों के अनुरूप स्थानीय स्वशासन को मजबूत करने पर विस्तार से चर्चा हुई।read more:https://worldtrustednews.in/traffic-police-challaned-87-vehicles/
मुख्य वक्ता सिकंदर बहादुर मौर्य ने कहा कि पंचायतें केवल विकास योजनाओं के क्रियान्वयन का माध्यम नहीं, बल्कि लोकतंत्र की जमीनी इकाई हैं, जहां आम नागरिक की सीधी भागीदारी सुनिश्चित होनी चाहिए। एडीओ पंचायत ज्ञान प्रकाश यादव ने पंचायत व्यवस्था की भूमिका और उसके समक्ष मौजूद चुनौतियों पर चर्चा की। ग्राम पंचायत सचिव विनय कुमार ने संविधान की 11वीं अनुसूची का उल्लेख करते हुए पंचायतों को दिए गए अधिकारों और जिम्मेदारियों की जानकारी दी। वन दरोगा बृजेश यादव ने पंचायत स्तर पर पर्यावरण संरक्षण और वृक्षारोपण को जनभागीदारी से जोड़ने की बात कही। अभय  ने पंचायतों से जुड़ी नौ प्रमुख थीमों की जानकारी साझा की। वहीं ब्लॉक मिशन मैनेजर इंद्रजीत पाल ने स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक और सामाजिक रूप से सशक्त बनाने तथा पंचायतों में उनकी प्रभावी भागीदारी सुनिश्चित करने पर जोर दिया। पूनम ने अपनी पंचायत के अनुभव साझा करते हुए बताया कि जब महिलाओं को निर्णय प्रक्रिया में अवसर मिलता है तो गांवों में विकास की दिशा भी बदलती है। अंत में अतिथियों को भारतीय संविधान की उद्देशिका भेंट कर सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर जितेंद्र, संतोष, रमाशंकर, राज बहादुर यादव, अशोक, महेंद्र, मोतीलाल, प्रमोद, केदारनाथ, ओमप्रकाश, गीता, उर्मिला, अंकिता, ऊषा, राकेश यादव, बबिता, संगीता, रेनू सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *