किरतपुर में हर प्रॉपर्टी का बनेगा डिजिटल रिकॉर्ड, सितंबर तक पूरा होगा जीआईएस सर्वे 

Share
किरतपुर । किरतपुर शहर की हर प्रॉपर्टी अब डिजिटल रिकॉर्ड का हिस्सा बनने जा रही है। नगर पालिका परिषद किरतपुर की ओर से शासन के निर्देशों के तहत नगर क्षेत्र की सभी संपत्तियों का GIS (जियोग्राफिक इंफॉर्मेशन सिस्टम) आधारित सर्वे और सत्यापन कराया जा रहा है। मकान, दुकान और अन्य संपत्तियों की जानकारी जुटाकर उसे डिजिटल डाटाबेस से जोड़ा जा रहा है। नगर पालिका के अनुसार सर्वे का काम तेजी से चल रहा है और अब तक करीब 13-14 वार्डों का सर्वे पूरा किया जा चुका है। पूरे नगर का सर्वे सितंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
लोकेशन के साथ दर्ज होगी प्रॉपर्टी की जानकारी
GIS सर्वे के तहत संपत्तियों से संबंधित आवश्यक जानकारी जुटाई जा रही है। GIS व्यवस्था में किसी संपत्ति की जानकारी को उसके भौगोलिक स्थान यानी लोकेशन से जोड़ा जाता है। इससे नगर पालिका के पास डिजिटल नक्शे और डाटाबेस के माध्यम से यह जानकारी उपलब्ध हो सकेगी कि नगर के किस स्थान पर कौन सी संपत्ति मौजूद है और उससे संबंधित आवश्यक विवरण क्या हैं।
नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी (EO) ने बताया कि यह सर्वे शासन के निर्देशों के तहत कराया जा रहा है। नगर क्षेत्र की सभी प्रॉपर्टीज का डाटा डिजिटल रूप से तैयार किया जाएगा, जिससे भविष्य में संपत्तियों से संबंधित रिकॉर्ड को व्यवस्थित तरीके से सुरक्षित और अपडेट किया जा सके।read more:https://pahaltoday.com/demand-to-remove-government-country-liquor-shop-villagers-stage-protest-at-the-collectorate/#google_vignette
कागजी रिकॉर्ड से डिजिटल डाटाबेस की ओर
अब तक नगर निकायों में संपत्तियों से जुड़ी कई जानकारियां कागजी रिकॉर्ड और अलग-अलग रजिस्टरों में दर्ज रहती हैं। GIS आधारित डिजिटल व्यवस्था के बाद संपत्तियों की जानकारी को एक व्यवस्थित डाटाबेस में रखने में मदद मिलेगी। नई संपत्ति जुड़ने, पुराने रिकॉर्ड में संशोधन करने अथवा किसी संपत्ति की जानकारी तलाशने की प्रक्रिया भी भविष्य में अधिक व्यवस्थित हो सकती है।
डिजिटल डाटा नगर पालिका के संपत्ति कर संबंधी रिकॉर्ड के बेहतर प्रबंधन में भी उपयोगी हो सकता है। इसके अलावा शहरी विकास, कर व्यवस्था और नगर निकाय की विभिन्न योजनाओं की तैयारी में भी यह डाटा महत्वपूर्ण आधार बन सकता है।
शासन की डिजिटल व्यवस्था से जुड़ा है अभियान
नगर निकायों की संपत्तियों को डिजिटल व्यवस्था से जोड़ने और उनकी पहचान के लिए शासन स्तर पर भी प्रक्रिया संचालित की जा रही है। संपत्तियों की यूनिक प्रॉपर्टी आईडी जैसी व्यवस्थाओं के माध्यम से रिकॉर्ड को डिजिटल रूप से व्यवस्थित करने पर जोर दिया जा रहा है। GIS, GPS और डिजिटल डाटाबेस से तैयार जानकारी का उपयोग नगरीय निकायों की योजनाओं और विभागीय कार्यों में किए जाने की दिशा में भी शासन स्तर से व्यवस्था की गई है।
सितंबर तक पूरा करने का लक्ष्य
नगर पालिका अधिकारियों के अनुसार किरतपुर में GIS सर्वे का कार्य लगातार जारी है। करीब 13-14 वार्डों में सर्वे पूरा हो चुका है और शेष वार्डों में टीम द्वारा संपत्तियों का सत्यापन किया जा रहा है। सितंबर 2026 तक पूरे नगर का सर्वे पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। सर्वे पूरा होने के बाद नगर की संपत्तियों से संबंधित डाटा डिजिटल रूप में उपलब्ध होने की उम्मीद है।
यह टीम कर रही प्रॉपर्टी का सर्वे
किरतपुर में GIS प्रॉपर्टी सर्वे की जिम्मेदारी संभालने वाली टीम में सुपरवाइजर विनोद कुमार के साथ अनुज माथुर, यश और सत्यम शामिल हैं। टीम नगर के अलग-अलग वार्डों में पहुंचकर संपत्तियों का सत्यापन करने और आवश्यक जानकारी जुटाने का काम कर रही है।
नगर पालिका की ओर से नागरिकों से भी सर्वे के दौरान सही जानकारी उपलब्ध कराने में सहयोग की अपेक्षा की जा रही है। सही और सटीक जानकारी मिलने से तैयार होने वाला डिजिटल डाटाबेस अधिक उपयोगी और व्यवस्थित बनाया जा सकेगा।
कुल मिलाकर, किरतपुर में चल रहा GIS सर्वे शहर की संपत्तियों के रिकॉर्ड को पारंपरिक कागजी व्यवस्था से निकालकर डिजिटल सिस्टम से जोड़ने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। सर्वे पूरा होने के बाद नगर पालिका के पास शहर की प्रॉपर्टीज से संबंधित एक अधिक व्यवस्थित और लोकेशन आधारित डिजिटल रिकॉर्ड उपलब्ध हो सकेगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *