सहारनपुर। उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने शुक्रवार को सर्किट हाउस सभागार में सहारनपुर मंडल की पर्यटन, संस्कृति एवं धर्मार्थ विभाग से जुड़ी प्रस्तावित और निर्माणाधीन परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को नवंबर माह तक सभी कार्य गुणवत्ता के साथ पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि धार्मिक, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहरों को आधुनिक सुविधाओं से जोड़कर पर्यटन को नई पहचान दी जाएगी। बैठक में सहारनपुर, मुजफ्फरनगर और शामली जनपदों की पर्यटन परियोजनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई। वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए पर्यटन विभाग के कुल 14 प्रस्तावों पर मंथन किया गया, जिनमें सहारनपुर के 8, मुजफ्फरनगर के 5 और शामली का 1 प्रस्ताव शामिल है। करीब 22 करोड़ रुपये की इन परियोजनाओं में मंदिर परिसरों में बहुउद्देशीय हॉल, प्रकाश व्यवस्था, पेयजल, प्रसाधन, साइनेज, क्यूआर कोड, लैंडस्केपिंग और पर्यटक सुविधाओं का विकास किया जाएगा।read more:https://khabarentertainment.in/major-action-by-the-food-safety-department-sauce-factory-raided-550-kg-of-stock-destroyed/पर्यटन मंत्री ने विशेष रूप से शाकुंभरी देवी शक्तिपीठ में चल रहे विकास कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने श्रद्धालुओं के लिए आध्यात्मिक वातावरण को और बेहतर बनाने हेतु मार्ग पर भक्ति संगीत एवं साउंड सिस्टम स्थापित करने के प्रस्ताव पर चर्चा की। साथ ही लगभग 21.04 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे पर्यटक आवास गृह तथा 9.01 करोड़ रुपये की अन्य सुविधाओं को समयबद्ध ढंग से पूरा करने के निर्देश दिए। बैठक में बताया गया कि सहारनपुर जनपद में वर्तमान में 33 पर्यटन परियोजनाएं संचालित हैं, जिनमें से 14 पूरी हो चुकी हैं। इनमें शाकुंभरी देवी शक्तिपीठ में टूरिस्ट फैसिलिटेशन सेंटर, पार्किंग, प्रवेश द्वार, प्रकाश व्यवस्था, ओपन एयर थिएटर, टॉयलेट ब्लॉक, पर्यटक आवास गृह सहित अनेक विकास कार्य शामिल हैं। समीक्षा के दौरान सहारनपुर के संत रविदास मंदिर, वाल्मीकि मंदिर, ठाकुरद्वारा मंदिर, देवबंद के प्राचीन सदाशिव महादेव मंदिर सहित विभिन्न धार्मिक स्थलों के विकास प्रस्तावों पर भी चर्चा हुई। वहीं धर्मार्थ विभाग द्वारा सात प्राचीन शिव मंदिरों के जीर्णोद्धार तथा नकुड़ के ऐतिहासिक रामलीला मैदान के सौंदर्यीकरण के प्रस्ताव भी प्रस्तुत किए गए। पर्यटन मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी निर्माणाधीन परियोजनाओं का नियमित स्थलीय निरीक्षण किया जाए तथा कार्यदायी संस्थाएं निर्धारित गुणवत्ता मानकों का पालन करते हुए कार्य समय पर पूरा करें। उन्होंने यह भी कहा कि भूमिपूजन, शिलान्यास और लोकार्पण जैसे कार्यक्रमों की जानकारी संबंधित जनप्रतिनिधियों को समय पर दी जाए और उनके सुझावों को भी महत्व दिया जाए। बैठक में शुकतीर्थ धाम के विकास कार्यों की भी समीक्षा की गई। यहां टूरिस्ट फैसिलिटेशन सेंटर, गंगा घाट सौंदर्यीकरण, श्रीमद्भागवत कथा केंद्र, साउंड-लाइट एवं लेजर शो सहित विभिन्न परियोजनाओं पर तेजी से कार्य कराया जा रहा है। मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार सभी 18 मंडलों में पर्यटन परियोजनाओं की व्यापक समीक्षा कर रही है, ताकि धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण करते हुए पर्यटन को नई दिशा दी जा सके। बैठक में जनप्रतिनिधियों, वरिष्ठ अधिकारियों तथा कार्यदायी संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया।