सहारनपुर/देवबंद। देवबंद के प्रस्तावित मुख्यमंत्री दौरे से पूर्व क्षेत्र की सांस्कृतिक और धार्मिक पहचान से जुड़ी अहम मांगों को लेकर बजरंग दल के पूर्व प्रांत संयोजक विकास त्यागी ने राज्य मंत्री जसवंत सैनी को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में देवबंद का नाम बदलकर ‘देववृंद’ किए जाने और सिद्धपीठ मां बाला सुंदरी मंदिर के कायाकल्प की मांग प्रमुख रूप से उठाई गई है।read more:https://khabarentertainment.in/the-minister-in-charge-arrived-at-the-womens-hospital-to-review-the-arrangements/विकास त्यागी ने अपने ज्ञापन में कहा कि ऐतिहासिक एवं पौराणिक साक्ष्यों के अनुसार इस क्षेत्र का मूल नाम ‘देववृंद’ रहा है, जो समय के साथ अपभ्रंश होकर ‘देवबंद’ हो गया। उन्होंने इसे देवताओं की तपोस्थली बताते हुए कहा कि वर्तमान समय में प्रदेश सरकार द्वारा विभिन्न स्थानों की प्राचीन पहचान बहाल की जा रही है, ऐसे में देवबंद को भी उसका वास्तविक नाम ‘देववृंद’ लौटाया जाना चाहिए। इससे न केवल क्षेत्र की ऐतिहासिक गरिमा पुनर्स्थापित होगी, बल्कि जनभावनाओं को भी सम्मान मिलेगा।ज्ञापन में दूसरी प्रमुख मांग सिद्धपीठ त्रिपुरा मां बाला सुंदरी देवी मंदिर के विकास को लेकर की गई है। उन्होंने कहा कि यह प्राचीन शक्तिपीठ करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है, लेकिन समुचित सुविधाओं के अभाव में इसका अपेक्षित विकास नहीं हो पाया है। उन्होंने मुख्यमंत्री से मंदिर परिसर के भव्य जीर्णोद्धार और इसे विधिवत तीर्थ क्षेत्र घोषित किए जाने की मांग की है, जिससे श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिल सकें और क्षेत्र में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिल सके।विकास त्यागी ने उम्मीद जताई कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपने प्रस्तावित देवबंद दौरे के दौरान इन मांगों पर सकारात्मक निर्णय लेंगे। उन्होंने कहा कि यह कदम क्षेत्र के आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और पर्यटन विकास के नए द्वार खोलेगा।ज्ञापन में कपिल मोहड़ा और अनिल सिंह पुंडीर ने भी समर्थन जताते हुए इन मांगों को जनभावनाओं से जुड़ा बताया और सरकार से इस दिशा में शीघ्र निर्णय लेने की अपील की।