सहारनपुर। नगर निगम में चल रही सफाई कर्मचारियों की हड़ताल को लेकर अब पार्षदों का समर्थन भी खुलकर सामने आने लगा है। कार्यकारिणी सदस्य एवं पार्षद मंसूर बदर के नेतृत्व में कई पार्षदों ने सफाई कर्मचारियों की हड़ताल का समर्थन करते हुए निजीकरण का विरोध किया और कर्मचारियों की मांगों को जायज बताया।read more:https://pahaltoday.com/district-magistrate-and-superintendent-of-police-reviewed-prosecution-and-law-and-order/
हड़ताल के समर्थन में आयोजित बैठक के दौरान पार्षद मंसूर बदर ने कहा कि सफाई कर्मचारी नगर की व्यवस्था की रीढ़ हैं और उनके हितों की अनदेखी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि नगर निगम में निजीकरण की नीति कर्मचारियों के हितों के खिलाफ है और सभी पार्षद दल सफाई कर्मचारियों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हैं। उन्होंने कहा कि सफाई कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान वार्ता के माध्यम से किया जाना चाहिए और नगर निगम प्रशासन को कर्मचारियों की मांगों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए। पार्षदों ने चेतावनी दी कि यदि कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। बैठक में मौजूद पार्षदों ने कहा कि सफाई कर्मचारियों का कार्य अत्यंत महत्वपूर्ण है और शहर की स्वच्छता व्यवस्था उन्हीं के परिश्रम पर निर्भर करती है। ऐसे में उनकी उपेक्षा करना उचित नहीं है। पार्षदों ने कर्मचारियों की एकजुटता की सराहना करते हुए उनके संघर्ष को समर्थन देने का भरोसा दिलाया। इस अवसर पर पार्षद समीर अंसारी, सईद सिद्दीकी, इज़हार मंसूरी, महमूद हसन, गुलज़ेब खान, जफर अंसारी, रईस पप्पू, डॉ. मंसूर, एडवोकेट जावेद, मेनपाल और कमाल मलिक सहित अनेक जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।,पार्षदों के समर्थन से सफाई कर्मचारियों के आंदोलन को नई मजबूती मिली है और नगर निगम की राजनीति में भी इस मुद्दे को लेकर हलचल तेज हो गई है।