बलिया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को तहसील बांसडीह के अंतर्गत ग्राम गलाफरपुर में कार्यक्रम आयोजित हुआ। इस दौरान उन्होंने जनपद के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण कर स्थिति का जायजा लिया। मुख्यमंत्री ने बाढ़ से प्रभावित लोगों को सरकार की ओर से हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने का भरोसा दिलाया। मुख्यमंत्री ने कहा कि बलिया जिले की बांसडीह, बैरिया और बलिया सदर विधानसभा क्षेत्रों में बाढ़ और कटान की स्थिति बनी हुई है। कई गांव बाढ़ के पानी से घिरे हैं। उन्होंने स्वयं हवाई सर्वेक्षण कर प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति देखी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि बाढ़ प्रभावित लोगों को राहत और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने में किसी प्रकार की लापरवाही न हो।मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के 26 जनपद बाढ़ की चपेट में हैं, जहां करीब 1.71 लाख बाढ़ पीड़ित प्रभावित हुए हैं। 251 गांव बाढ़ प्रभावित हैं, जबकि एक हजार से अधिक लोगों को बाढ़ शरणालयों में रखा गया है। राहत एवं बचाव कार्यों के लिए 447 बाढ़ चौकियां स्थापित की गई हैं। उन्होंने कहा कि सरकार की पहली प्राथमिकता लोगों की जान बचाना है। इसके साथ ही बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पशुओं के लिए टीकाकरण, भूसा, चारा और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं भी की जा रही हैं। गर्भवती महिलाओं को राशन समेत जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।read more:https://pahaltoday.com/manveer-singh-arrested-near-nepal-border-sent-to-punjab-under-tight-security/मुख्यमंत्री ने कहा कि सियार, भालू या किसी अन्य जंगली जानवर के काटने अथवा अन्य आपदा की स्थिति में पीड़ितों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत तत्काल सहायता उपलब्ध कराई जाती है। आकाशीय बिजली अथवा बाढ़ की चपेट में आने से मृत्यु होने पर कृषक दुर्घटना बीमा योजना के तहत पांच लाख रुपये तक की सहायता उपलब्ध कराई जाती है। उन्होंने कहा कि बाढ़ के कारण यदि किसी गरीब व्यक्ति का मकान गिर जाता है तो उसे तत्काल भूमि का पट्टा और आवास उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाएगी, ताकि आपदा के बाद प्रभावित परिवारों को खुले आसमान के नीचे न रहना पड़े। अग्नि से किसी गरीब व्यक्तियों की झोपड़ी जलती है तत्काल आवास की व्यवस्था की जाती है।मुख्यमंत्री ने सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि रक्षाबंधन के अवसर पर बहनों को राखी बांधने के लिए तीन दिनों तक नि:शुल्क बस यात्रा की सुविधा उपलब्ध कराई गई थी। इस सुविधा का लाभ करीब सात लाख बहनों ने उठाया। उन्होंने बताया कि अगले दिन से 60 वर्ष से अधिक आयु की महिलाओं को भी नि:शुल्क बस यात्रा की सुविधा उपलब्ध होगी। मुख्यमंत्री ने बलिया के विकास कार्यों का जिक्र करते हुए कहा कि जिले में भृगु बाबा के नाम से मेडिकल कॉलेज बनाया जाएगा। इसके साथ ही भृगु मंदिर कॉरिडोर का निर्माण भी कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बलिया की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान को और मजबूत करने के लिए सरकार लगातार काम कर रही है। मुख्यमंत्री ने बलिया के स्वतंत्रता संग्राम के गौरवशाली इतिहास को याद करते हुए कहा कि 1942 के भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान बलिया ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी और स्वतंत्रता सेनानी चित्तू पांडेय के नेतृत्व में यहां स्वतंत्रता की घोषणा की गई थी। उन्होंने कहा कि बलिया की क्रांतिकारी धरती के विकास के लिए सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व में प्रदेश के 36 से 40 जनपदों में बाढ़ आती थी, जबकि इस बार 26 जिलों में बाढ़ की स्थिति बनी है। उन्होंने कहा कि बाढ़ से होने वाली जन एवं फसल की क्षति को कम करने के लिए मजबूत बाढ़ तटबंधों का निर्माण और सुदृढ़ीकरण किया जाएगा, जिससे किसानों को खेती करने में परेशानी न हो। उन्होंने कहा कि बाढ़ की समस्या का स्थायी समाधान निकालने के लिए प्रभावी कार्ययोजना तैयार की जाएगी। बाढ़ प्रभावित परिवारों को राहत एवं पुनर्वास के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। सरकार हर संकट की घड़ी में उनके साथ खड़ी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बलिया के लोगों को विकास के लिए भटकने की आवश्यकता नहीं होगी। जिले के विकास और बाढ़ की समस्या के समाधान के लिए प्रदेश सरकार पूरी गंभीरता के साथ कार्य करेगी और बलिया के विकास के लिए सरकार हमेशा तत्पर रहेगी।