भदोही। थाना चौरी पुलिस पर राजनीतिक कार्यकर्ताओं को बिना नोटिस घर से उठाकर रात भर थाने में प्रताड़ित करने और जाति सूचक गालियां देने का आरोप लगा है। इस मामले को लेकर संयुक्त वामपंथी मोर्चा का एक प्रतिनिधिमंडल सोमवार को डीएम और एसपी से मिलकर मामले में कार्रवाई करने की मांग की। इस दौरान डीएम और एसपी को सौंपे गए शिकायती पत्र में वामपंथी दलों ने आरोप लगाया है कि बीतें 6/7 अक्टूबर को चौरी पुलिस ने फारवर्ड ब्लॉक के जिला मंत्री रामजीत यादव पुत्र राजपति यादव निवासी मकदूमपुर, हीरालाल यादव पुत्र कल्लूराम निवासी अनेगपुर, मो.अख्तर पुत्र मो.इस्लाम निवासी चौरी नईबस्ती और अहमद अली पुत्र स्व.हासिम अली निवासी कोल्हुआ थाना चौरी को बिना किसी नोटिस या एफआईआर के घर से उठा लिया।
read more:https://pahaltoday.com/mobile-court-visits-ballia-to-hear-grievances-of-persons-with-disabilities-state-commissioner-issues-strict-directives/ चौरी थाने ले जाकर रात में लात-घूंसे और थप्पड़ से पिटाई की गई तथा मां-बहन बेटी की भद्दी-भद्दी गालियां दी गईं।आरोप है कि थाना प्रभारी, चौकी इंचार्ज व हमराहियों ने अभद्र व्यवहार किया और जाति सूचक व धर्म के प्रति अपमानजनक भाषा का प्रयोग किया और फर्जी मुकदमे में फंसाकर जिंदगी बर्बाद करने की धमकी दी गई। हालांकि 7 अक्टूबर को उक्त चारों व्यक्तियों का चालान भदोही तहसील किया गया और जमानत के बाद रिहाई हुई। संयुक्त वामपंथी मोर्चा के जिला संगठन ने पत्र में लिखा है कि लोकतंत्र में सबको अपनी बात रखने का अधिकार मिलना चाहिए और किसी सरकारी अधिकारी को एक दल के पक्ष में खुलकर बात नहीं करनी चाहिए। थाना प्रभारी का व्यवहार अत्यंत अनैतिक है, इस पर उचित कार्रवाई की जाए। इस मौके पर इंद्रदेव पाल, राजेंद्र प्रसाद कन्नौजिया, भानसिंह मौर्य, सुशील श्रीवास्तव, रामसजीवन, ज्ञानप्रकाश प्रजापति, भुलाल पाल आदि सीपीआई, सीपीआईएम व फारवर्ड ब्लॉक के कार्यकर्ता शामिल रहे।