उन्नाव। पारंपरिक एवं आधुनिक कारीगरों की आजीविका को मजबूत करने और उनके जीवन स्तर में सुधार के लिए जिले में विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना 2.0 लागू की गई है। योजना के तहत पात्र कारीगरों को 10 लाख रुपये तक का बिना गारंटी एवं ब्याज मुक्त ऋण उपलब्ध कराया जाएगा। ऋण पर 15 प्रतिशत मार्जिन मनी सब्सिडी का भी प्रावधान है।उपायुक्त उद्योग मोहम्मद सउद ने बताया कि योजना के तहत पारंपरिक और आधुनिक क्षेत्र के कुल 14 ट्रेडों के कारीगरों को लाभ दिया जाएगा।read more:https://pahaltoday.com/jan-adhikar-party-demands-caste-census-and-other-measures/इनमें मूर्तिकार, मालाकार, दूधवाला, भरभूजा और मछुआरा जैसे पारंपरिक ट्रेड तथा मोबाइल मरम्मत, ऑटोमोबाइल मरम्मत, इलेक्ट्रॉनिक व विद्युत सामान की मरम्मत, प्लम्बर, कंप्यूटर मरम्मत, सोलर इंस्टालेशन, डिजिटल फोटोग्राफी तथा सौंदर्य एवं वेलनेस जैसे आधुनिक ट्रेड शामिल हैं।योजना के अंतर्गत पात्र कारीगरों को 10 दिवसीय कौशल वृद्धि प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद सफल प्रशिक्षार्थियों को व्यवसाय के संचालन के लिए आधुनिक तकनीक पर आधारित उन्नत टूलकिट भी उपलब्ध कराई जाएगी।इसके अलावा कारीगरों को परियोजना लागत के अनुसार 10 लाख रुपये तक की ऋण सुविधा, 15 प्रतिशत मार्जिन मनी सब्सिडी के साथ बिना गारंटी और बिना ब्याज उपलब्ध कराई जाएगी।