बाराबंकी। गैंग लीडर मुख्तार अंसारी के सक्रिय सदस्य अफरोज खां उर्फ चुन्नू व उसके साथियों द्वारा कथित रूप से अवैध रूप से अर्जित सोनभद्र स्थित करीब 43 करोड़ रुपये की संपत्ति को कुर्क करने के जिला प्रशासन के आदेश के विरुद्ध दाखिल प्रार्थना पत्र को गैंगस्टर न्यायालय ने खारिज कर दिया। कोतवाली नगर बाराबंकी में वर्ष 2022 में गैंग लीडर मुख्तार अंसारी व उसके सक्रिय सदस्यों के विरुद्ध गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस के अनुसार, अभियुक्तों ने आपराधिक गतिविधियों और बेनामी लेनदेन के माध्यम से अवैध धन अर्जित कर संपत्तियां बनाई थीं।read more:https://pahaltoday.com/manveer-singh-arrested-near-nepal-border-sent-to-punjab-under-tight-security/पुलिस जांच में अफरोज खां द्वारा अपने भाई उमेर खां और उसकी पत्नी यास्मीन बानो के नाम सोनभद्र के ओबरा तहसील क्षेत्र के पटवध एवं बिल्ली मारकुंडी में 12 भूखंडों समेत अन्य जमीन, चार मंजिला मकान और बेसमेंट सहित बहुमंजिला कटरा खरीदे अथवा निर्मित किए जाने की जानकारी सामने आई। इन संपत्तियों का अनुमानित मूल्य करीब 43 करोड़ रुपये आंका गया। जिला मजिस्ट्रेट बाराबंकी ने गैंगस्टर एक्ट की धारा 14(1) के तहत सुनवाई के बाद संपत्तियों को राज्य के पक्ष में कुर्क करने का आदेश दिया था। इस आदेश के विरुद्ध यास्मीन बानो की ओर से गैंगस्टर न्यायालय में संपत्ति को अवमुक्त करने के लिए प्रार्थना पत्र दाखिल किया गया था। न्यायालय ने सुनवाई के बाद प्रार्थना पत्र को बलहीन पाते हुए खारिज कर दिया। इसके साथ ही कुर्क संपत्तियों को मुक्त कराने की मांग को झटका लगा है।