गाजीपुर/जखनियां। तहसील जखनियां के सम्पूर्ण समाधान दिवस में भूमि विवाद का एक मामला सामने आया है, जिसमें ग्राम बैरमपुर निवासी एक किसान ने अपनी भूमिधरी भूमि पर कथित रूप से जबरन चकरोड बनाए जाने की शिकायत दर्ज कर प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग की है।read more:https://pahaltoday.com/retired-teachers-and-shikshamitras-honored-at-baragaon-brc/ग्राम बैरमपुर, परगना एवं थाना शादियाबाद, तहसील जखनियां निवासी रम्पत पुत्र डोमन ने सम्पूर्ण समाधान दिवस में दिए गए प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया कि उनकी भूमिधरी आराजी संख्या 114 घ, रकबा 0.1580 हेक्टेयर भूमि में गांव के पूर्व प्रधान सुरेश पुत्र बदन द्वारा जबरन चकरोड बनाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि उक्त भूमि पर मिट्टी भी डलवाई जा रही है, जबकि यह उनकी निजी स्वामित्व की भूमि है।प्रार्थी के अनुसार जब उन्होंने इस कार्य का विरोध किया तो उन्हें बताया गया कि यहां चकरोड का निर्माण कराया जाएगा। उनका आरोप है कि बिना किसी विधिक प्रक्रिया, राजस्व अभिलेखों की जांच तथा सक्षम अधिकारियों की अनुमति के उनकी भूमि में रास्ता निकाला जा रहा है।रम्पत ने प्रशासन को दिए गए प्रार्थना पत्र में कहा है कि किसी भी नए चकरोड के निर्माण अथवा पुराने मार्ग के निर्धारण से पूर्व नियमानुसार पैमाइश, सीमांकन और राजस्व अभिलेखों का सत्यापन आवश्यक है। उन्होंने मांग की कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा बिना विधिक प्रक्रिया के किए जा रहे निर्माण कार्य को तत्काल रोका जाए।सम्पूर्ण समाधान दिवस में प्रस्तुत शिकायत के माध्यम से पीड़ित किसान ने अपनी भूमि की सुरक्षा सुनिश्चित करने, राजस्व विभाग से निष्पक्ष जांच कराने तथा दोषी पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई किए जाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि समय रहते प्रशासनिक हस्तक्षेप न होने पर भविष्य में भूमि विवाद और कानून-व्यवस्था की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।मामले को लेकर अब स्थानीय लोगों की निगाहें प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हुई हैं। राजस्व विभाग की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि संबंधित भूमि पर चकरोड का कोई वैधानिक प्रावधान है अथवा नहीं।