लखनऊ। समाजवादी पार्टी ने बंगाल में ममता बनर्जी और तमिलनाडु में एमके स्टालिन की चुनावी हार के बाद चुनाव प्रबंधन कंपनी आई-क से अपना रिश्ता खत्म करने का फैसला लिया है। बताया जा रहा है कि अब पार्टी खुद चुनाव प्रबंधन करेगी। आधिकारिक तौर पर सपा की तरफ से आईपैक से ना तो रिश्ता जोड़ने का कोई बयान आया था ना ही अब जबकि 2027 चुनाव के लिए आईपैक से संबंध टूटे हैं तो इसका कोई आधिकारिक बयान पार्टी की तरफ से आया है, लेकिन पार्टी सूत्र बता रहे हैं कि चुनाव प्रबंधन करने वाली सबसे चर्चित कंपनी आईपैक से अब समाजवादी पार्टी का कोई संबंध नहीं है। सपा के इंसाइडर्स यह बता रहे हैं कि आईपैक पर पड़े लगातार छापे और अब दो राज्यों में चुनावी हार, जहां आईपैक इस चुनाव को मैनेज कर रही थी उसके बाद पार्टी के थिंक टैंक ने इस संस्था से दूरी बनाना ही बेहतर समझा है और आईपैक को ये बात भी दी है कि चुनाव में साथ नहीं चल सकते।read more:https://khabarentertainment.in/honorarium-of-shikshamitras-increased-got-honour-in-the-felicitation-ceremony/ बता दें जिस दिन कोलकाता में आईपैक ऑफिस में छापे पड़ रहे थे और ममता बनर्जी आईपैके के दफ्तर पहुंच गई, उसे दिन समाजवादी पार्टी ऑफिस आईपैक अपना प्रेजेंटेशन दे रही थी। आईपैक के साथ जाने का सब कुछ तय हो चुका था, लेकिन प्रेजेंटेशन के दिन ही पड़े छापे ने अखिलेश यादव का खबरदार कर दिया था और तभी यह पार्टी सोचने लगी थी क्या आईपैड को साथ लेना कहीं भारी तो नहीं पड़ जाएगा। अब ममता और स्टालिन की हार के बाद इस पर मोहर लग गई है।