नागल। इंद्रप्रस्थ इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी कालेज कोटा में आयोजित सात दिवसीय योग महोत्सव के द्वितीय दिवस एक भव्य योग शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ वैदिक परंपरा के अनुसार महामृत्युंजय मंत्र के सामूहिक उच्चारण एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। दीप प्रज्ज्वलन मुख्य अतिथि डॉ. राजीव कुमार परीक्षा नियंत्रक माँ शाकुम्भरी विश्वविद्यालय, विशिष्ट अतिथि अनूप कुमार उप-रजिस्ट्रार माँ शाकुम्भरी विश्वविद्यालय, कार्यक्रम अध्यक्ष डॉ. संदीप गुप्ता, क्रीड़ा अधिकारी, माँ शाकुम्भरी विश्वविद्यालय, योगाचार्य विनीत चैधरी तथा संस्थान की प्राचार्या डॉ. अंजू वालिया द्वारा संयुक्त रूप से किया गया।योगाचार्य विनीत चैधरी ने उपस्थित छात्र-छात्राओं, शिक्षकों एवं कर्मचारियों को विभिन्न योगासन, प्राणायाम एवं ध्यान क्रियाओं का अभ्यास कराया। प्रारंभ में उन्होंने मन को स्थिर रखने एवं ध्यान केंद्रित करने वाली क्रियाओं का अभ्यास कराया तथा इसके पश्चात विभिन्न योगासनों एवं प्राणायाम की विधियों से सभी को परिचित कराया। उन्होंने बताया कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि मानसिक शांति, आत्मिक संतुलन एवं सकारात्मक जीवनशैली का आधार है। मुख्य अतिथि डॉ. राजीव कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि योग व्यक्ति के मन में आने वाले नकारात्मक विचारों को दूर कर सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है। उन्होंने कहा कि हजारों वर्षों से हमारे ऋषि-मुनियों ने योग के माध्यम से स्वस्थ, अनुशासित एवं संतुलित जीवन का संदेश दिया है।read more:https://pahaltoday.com/mandal-president-celebrated-the-foundation-day-of-bjp/ आज के प्रतिस्पर्धात्मक एवं तनावपूर्ण वातावरण में योग मानसिक एवं शारीरिक स्वास्थ्य के लिए अत्यंत आवश्यक है। कार्यक्रम अध्यक्ष डॉ. संदीप गुप्ता ने अपने संबोधन में कहा कि वर्तमान समय में मोबाइल फोन एवं डिजिटल उपकरणों के अत्यधिक उपयोग के कारण गर्दन एवं अन्य स्वास्थ्य संबंधी समस्याएँ तेजी से बढ़ रही हैं। उन्होंने कहा कि योग इन समस्याओं का सरल एवं प्रभावी समाधान है तथा यह मानसिक शांति, शारीरिक सुदृढ़ता एवं सकारात्मक सोच प्रदान करता है। विशिष्ट अतिथि अनूप कुमार ने विद्यार्थियों से नियमित योगाभ्यास कर स्वस्थ एवं जागरूक नागरिक बनने का आह्वान किया। संस्थान की प्राचार्या डॉ. अंजू वालिया ने सभी अतिथियों का स्वागत एवं आभार व्यक्त करते हुए कहा कि योग हमें केवल शारीरिक रूप से ही नहीं बल्कि मानसिक एवं आत्मिक रूप से भी सशक्त बनाता है। उन्होंने कहा कि यदि हम प्रतिदिन योग एवं प्राणायाम को अपनाएँ तो हम अधिक स्वस्थ, ऊर्जावान एवं प्रसन्न जीवन जी सकते हैं। इस अवसर पर डॉ. राजीव कुमार ने कॉलेज प्रबंधन की सराहना की तथा योग महोत्सव के सफल एवं सुव्यवस्थित आयोजन के लिए संस्थान के प्रयासों की प्रशंसा करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। कार्यक्रम के अंत में सभी अतिथियों को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। इसी अवसर पर परीक्षा नियंत्रक डॉ. राजीव कुमार द्वारा संस्थान प्राचार्या डॉ. अंजू वालिया को भी स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। उन्होंने विश्वविद्यालय की ओर से यह सम्मान प्रदान करते हुए संस्थान द्वारा योग एवं शैक्षणिक गतिविधियों के सफल आयोजन की सराहना की। कार्यक्रम का समापन राष्ट्र की एकता, अखंडता एवं गौरव के प्रतीक राष्ट्रगान के सामूहिक गायन के साथ हुआ।