दिल्ली। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर सक्रिय कुछ संदिग्ध टेलीग्राम चैनल पहले आकर्षक मुनाफे का लालच देकर लोगों को जोड़ते हैं, फिर उन्हें व्हाट्सएप लिंक पर ले जाकर यूपीआई के माध्यम से पैसा ट्रांसफर करने को कहते हैं। “45 मिनट में पैसा कई गुना” और “गारंटीड प्रॉफिट” जैसे दावे कर निवेशकों को फंसाया जा रहा है। इस संबंध में वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय जौनपुर के साइबर क्लब के नोडल अधिकारी डॉ. दिग्विजय सिंह राठौर ने बताया कि टेलीग्राम पर इस तरह के चैनल प्रायः साइबर अपराधियों द्वारा धोखाधड़ी के उद्देश्य से चलाए जाते हैं। पहले टेलीग्राम पर भरोसा बनाया जाता है, फिर व्हाट्सएप पर निजी बातचीत कर यूपीआई आईडी या व्यक्तिगत बैंक खाते में धनराशि मंगाई जाती है, ताकि बाद में ट्रेस करना कठिन हो सके।
व्हाट्सएप पर “TODAY’S BEST PLAN” शीर्षक से ऑनलाइन ट्रेडिंग और “मनी बूस्टर” योजना का प्रचार करते है, जिसमें ₹2,000 पर ₹14,000, ₹10,000 पर ₹60,000 और ₹1,00,000 पर ₹6,00,000 तक रिटर्न देने का दावा किया गया है। साथ ही यह भी लिखते है कि मात्र 45 मिनट में पैसा खाते में क्रेडिट हो जाएगा। विशेषज्ञों के अनुसार इतने कम समय में कई गुना मुनाफा देना पूरी तरह अवास्तविक और संदेहास्पद है। डॉ. राठौर ने बताया कि लोगों का भरोसा जीतने के लिए ऐसे गिरोह बड़ी संख्या में तथाकथित “सक्सेस स्टोरी” वीडियो, जेनरेटेड क्लिप और एडिटेड स्क्रीनशॉट तैयार करते हैं। इन वीडियो और तस्वीरों में मुनाफे की राशि ट्रांसफर होती हुई दिखाई जाती है, ताकि आमजन को यह लगे कि अन्य लोग लाभ कमा रहे हैं और वे भी बिना जांच-पड़ताल के निवेश कर दें। उन्होंने स्पष्ट किया कि शेयर बाजार में किसी भी प्रकार का गारंटीड रिटर्न संभव नहीं है और Securities and Exchange Board of India (सेबी) के नियमों के अनुसार कोई भी अधिकृत निवेश सलाहकार निश्चित लाभ का वादा नहीं कर सकता। डॉ. राठौर ने छात्रों और आमजन से अपील की है कि किसी भी अनजान टेलीग्राम/व्हाट्सएप लिंक, मोबाइल नंबर या यूपीआई आईडी पर भरोसा न करें, अपनी बैंक डिटेल, ओटीपी, पैन या आधार जैसी गोपनीय जानकारी साझा न करें। यदि किसी के साथ ठगी होती है तो तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें या आधिकारिक पोर्टल cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं। सतर्क रहें, सुरक्षित रहें — “जल्दी और गारंटीड मुनाफा” ही साइबर ठगी का सबसे बड़ा संकेत है।