सोनभद्र। कोलकाता के सियालदह स्थित मौलाली युवा केंद्र में वेलफेयर ऑर्गेनाइजेशन की राष्ट्रीय कार्यकारिणी समिति की सेमिनार आयोजित की गई। इसमें देशभर से आए होम्योपैथ चिकित्सकों ने आयुष मंत्रालय की कार्यप्रणाली, विभिन्न विसंगतियों और चिकित्सकों की समस्याओं पर विस्तार से मंथन किया। सेमिनार में सोनभद्र का प्रतिनिधित्व संगठन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं जनपद के होम्योपैथ चिकित्सक डॉ. कुसुमाकर श्रीवास्तव ने किया।कार्यक्रम के दौरान डॉ. कुसुमाकर श्रीवास्तव ने कहा कि होम्योपैथी सस्ती और कारगर चिकित्सा पद्धति है। उन्होंने कहा कि कोरोना संक्रमण के दौर में भी होम्योपैथी की दवाओं के उपयोग और प्रभाव को लोगों ने महसूस किया। उन्होंने सोनभद्र की भौगोलिक स्थिति का उल्लेख करते हुए कहा कि जनपद बिहार, झारखंड, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ की सीमाओं से घिरा है। आदिवासी एवं वन बाहुल्य क्षेत्रों में समय-समय पर विभिन्न संक्रामक बीमारियां फैलती हैं, जिनके उपचार में स्थानीय होम्योपैथ चिकित्सक अपनी भूमिका निभाते हैं।
read more:https://pahaltoday.com/villagers-upset-over-garbage-dumping-staged-a-protest-at-the-district-collectorate/ राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. जे.एन. सिंह रघुवंशी ने सोनभद्र क्षेत्र में होम्योपैथी के पुराने योगदान का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद गाजीपुर से आए चिकित्सक डॉ. जयराम लाल श्रीवास्तव ने सोनभद्र के साथ बिहार और मध्य प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों में जाकर होम्योपैथी चिकित्सा की तथा नेत्र शिविर भी लगाए। उनके योगदान के कारण क्षेत्र के लोगों ने उन्हें ‘हेनीमैन’ की उपाधि से सम्मानित किया था। सेमिनार का शुभारंभ महात्मा डॉ. सैमुअल हैनीमैन की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन से हुआ। इस दौरान आगरा के संयुक्त राष्ट्रीय महासचिव डॉ. पार्थ सारथी शर्मा को उत्कृष्ट कार्यों के लिए विशेष रूप से सम्मानित किया गया। वहीं संगठन के पिछले वर्षों के कार्यों की समीक्षा करते हुए आगामी कार्ययोजना पर भी चर्चा की गई। कार्यक्रम में राष्ट्रीय महासचिव डॉ. एन.एस. रघुराम, डॉ. मनोरंजन पाल, राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष डॉ. आर.सी. श्रीवास्तव, डॉ. पी.के. चटर्जी, डॉ. राम अयोध्या ठाकुर, डॉ. सुतापा गोहा, डॉ. आर.एन. सिंह, डॉ. के.के. सिंह, डॉ. डी.के. पटेल, डॉ. सहदेव, डॉ. अमित कुमार सहित अन्य चिकित्सक मौजूद रहे। सर्वसम्मति से वर्ष 2027 का राष्ट्रीय सेमिनार बिहार के राजगीर में आयोजित करने का निर्णय लिया गया।