सोनभद्र। घोरावल विकास खंड के केवली गांव स्थित गौ संरक्षण केन्द्र की व्यवस्थाओं को लेकर एक सप्ताह के भीतर सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे दो अलग-अलग वीडियो, इन दिनों काफी चर्चा में है। सपा के पूर्व विधायक के औचक निरीक्षण के बाद गौ संरक्षण केन्द्र केवली से निकल कर आई मार्मिक तस्वीर ने जहां सबको झकझोर कर रख दिया था। वहीं, इसके ठीक चार दिन बाद एक सोशल मीडिया क्रिएटर द्वारा मौके पर पहुंच कर वस्तु स्थिति से रूबरू होने के बाद वहां की व्यवस्थाओं से संबंधित वायरल किया गया वीडियो पूर्व में वायरल वीडियो पर प्रश्नचिन्ह खड़ा कर दिया है। दोनों वीडियो को लेकर कुछ लोग सपा के पूर्व विधायक के निरीक्षण में सामने आई हृदयविदारक तस्वीर पर एक सोची-समझी चाल के तहत पर्दा डालते हुए दोषियों को बचाने का काम करने का आरोप जनपद के जिम्मेदार अधिकारियों पर लगा रहे हैं, तो वहीं कुछ लोग सपा के पूर्व विधायक पर भ्रामक वीडियो बनाकर शासन-प्रशासन की छबि धूमिल करने का लांछन लगा रहे हैं। लोगों ने शासन-प्रशासन से वायरल दोनों वीडियो की निष्पक्ष जांच कराकर सच्चाई से पर्दा उठाने की मांग किया है।उल्लेखनीय है कि बीते दिनों सपा के पूर्व विधायक रमेश चन्द्र दूबे ने घोरावल के केवली गांव स्थित गौ संरक्षण केन्द्र का औचक निरीक्षण किए थे। उस दौरान मौके पर करीब आधा दर्जन गौ-वंश जगह-जगह मृत पड़े मिले थे। गौ-वंशों के लिए बनाए गए चरन (चराई स्थल) खाली पाए गए थे। चरन में एक भी छटाक भूसा नहीं मिला था। इसके अलावा मौके पर व्याप्त तमाम अन्य खामियां भी उजागर हुई थी। पूर्व विधायक ने चरन में खड़ा होकर वीडिया बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल करने के साथ ही मृत गौवंशों के लिए शासन-प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया था। उन्होंने आरोप लगाया था कि इस केन्द्र में भूख-प्यास से पशुओं की तड़प-तड़प कर मौत हो रही है, बावजूद इसके जिम्मेदार अधिकारी मूकदर्शक बने बैठे हैं। उन्होंने अपने निरीक्षण के दौरान इस केन्द्र को गो हत्या केन्द्र करार दिया था। पूर्व विधायक के द्वारा वायरल किए गए वीडियो व उनके द्वारा लगाए गए आरोपों को लेकर आमजन में काफी आक्रोश व्याप्त है। इसी बीच एक सोशल मीडिया क्रिएटर द्वारा मौके पर पहुंच कर वस्तु स्थिति का जायजा लेने के बाद वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर वहां की व्यवस्थाओं को चाकचैबंद करार दिया है।read more:https://pahaltoday.com/demand-to-remove-government-country-liquor-shop-villagers-stage-protest-at-the-collectorate/#google_vignette
कौन सही-कौन गलत, जांच से खुलेगा राज
एक ही गौ संरक्षण केन्द्र से जुड़ा दो अलग-अलग वायरल वीडियो गुरूवार को काफी चर्चा का विषय बना रहा। लोगों का कहना रहा कि, जिला प्रशासन को वायरल दोनों वीडियो को काफी गंभीरता से लेना चाहिए। यदि सपा के पूर्व विधायक के द्वारा वायरल किए गए वीडियो में कोई सच्चाई नहीं है तो जिला प्रशासन को उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई करनी चाहिए। कारण, जिस प्रकार से सपा के पूर्व विधायक मौके पर पहुंच कर जगह-जगह पड़े मृत पशुओं को दिखाते हुए वहां की व्यवस्थाओं पर सवाल खड़ा करने का काम किया है, उससे शासन-प्रशासन की छबि धूमिल हो रही है और यदि उनके द्वारा वायरल वीडियो में सच्चाई है तो उक्त सोशल मीडिया क्रिएटर द्वारा पूर्व विधायक की छबि धूमिल करने की नीयत से गलत व भ्रामक वीडियो वायरल करने के आरोप में कार्रवाई होनी चाहिए। सपा कार्यकर्ताओं को भी जिला प्रशासन से मिलकर मामले की जांच कराकर सच्चाई से पर्दा उठाने की मांग करनी चाहिए।