नजीबाबाद । पुलिस ने हनीट्रैप से संबंधित मामलों की विवेचना के दौरान कथित रूप से संगठित गिरोह से जुड़ी एक महिला को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार महिला के कब्जे से तीन फर्जी आधार कार्ड बरामद हुए हैं। मामले की जांच के दौरान दोनों संबंधित अभियोगों में फर्जी दस्तावेजों से जुड़ी धाराओं की बढ़ोतरी की गई है।पुलिस के मुताबिक मौ. आसिम निवासी मोहल्ला बांसफोड़ान और नवाब निवासी मोहल्ला रम्पुरा ने अलग-अलग प्रार्थना पत्र देकर जुल्फेकार उर्फ बब्बू लंगड़ा, दिलशाद समेत अन्य लोगों पर आपसी षड्यंत्र के तहत विभिन्न व्यक्तियों के विरुद्ध कथित रूप से झूठे दुष्कर्म और सामूहिक दुष्कर्म के मुकदमे दर्ज कराने तथा मुकदमों में समझौते के नाम पर धनराशि मांगने के आरोप लगाए थे।
इन प्रार्थना पत्रों के आधार पर नजीबाबाद थाने में विभिन्न धाराओं में मुकदमे दर्ज किए गए।
पुलिस के अनुसार हनीट्रैप प्रकरण की कार्रवाई में इससे पहले जुल्फेकार उर्फ बब्बू लंगड़ा, अफजाल, गुड्डी, कुन्ती, प्रीति, मौ. आसिफ, दिलशाद, शायमा, अन्तिमा, शहाना, सानिया, हिफजान, रविता गौतम उर्फ रविता देवी और नौशाद समेत 14 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। तीन फर्जी आधार कार्ड बरामद
पुलिस ने संबंधित अभियोगों में वांछित बताई जा रही शबाना पत्नी शहजाद, पुत्री नसीम अहमद, निवासी काशीराम कॉलोनी, थाना कोतवाली शहर, बिजनौर को गिरफ्तार किया। उसके कब्जे से तीन फर्जी आधार कार्ड बरामद होने की बात पुलिस ने कही है। बरामदगी के बाद दोनों मुकदमों में धारा 338/336(3)/340(2) बीएनएस की बढ़ोतरी की गई है। पुलिस ने बताया इस तरह काम करता था गिरोह पुलिस के अनुसार अब तक की विवेचना और संकलित साक्ष्यों में जुल्फेकार उर्फ बब्बू लंगड़ा द्वारा कथित रूप से एक संगठित गिरोह संचालित किए जाने की बात सामने आई है। पुलिस का कहना है कि गिरोह में दिलशाद, शायमा, कुन्ती, पारुल, अराफत, शम्स आजम उर्फ अनस, अन्तिमा समेत अन्य लोग शामिल थे।पुलिस के मुताबिक गिरोह द्वारा लोगों के आपसी विवाद, पुरानी रंजिश और अन्य मामलों की जानकारी जुटाकर संबंधित व्यक्तियों पर दबाव बनाया जाता था। आरोप है कि मुकदमों में समझौते के नाम पर धनराशि अथवा अन्य लाभ की मांग की जाती थी और मांग पूरी नहीं होने पर महिलाओं व अन्य सहयोगियों के माध्यम से विभिन्न थानों और न्यायालयों में गंभीर आरोपों से संबंधित मुकदमे या परिवाद दर्ज कराए जाते थे।विवेचना में दुष्कर्म, सामूहिक दुष्कर्म, पॉक्सो एक्ट और एससी/एसटी एक्ट समेत विभिन्न गंभीर धाराओं के मामलों का उल्लेख सामने आने की बात पुलिस ने कही है। पुलिस के अनुसार बिजनौर के अलावा अन्य जनपदों में भी संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध अभियोग एवं परिवाद दर्ज होने की जानकारी सामने आई है।
पूछताछ में महिला ने क्या बताया
पुलिस के अनुसार पूछताछ में गिरफ्तार महिला ने कथित रूप से बताया कि वह अन्य लोगों के संपर्क में थी और जुल्फेकार उर्फ बब्बू लंगड़ा के संपर्क में रहकर पहले से तय योजना के अनुसार अलग-अलग व्यक्तियों के विरुद्ध कथित झूठी दुष्कर्म की घटनाओं की कहानी तैयार करती थी। पुलिस का कहना है कि इसके बाद उसी के आधार पर घटनास्थल और घटना का विवरण तैयार कर पुलिस को सूचना दी जाती थी तथा न्यायालय में धारा 156(3) सीआरपीसी के माध्यम से मुकदमे दर्ज कराने की प्रक्रिया अपनाई जाती थी।फर्जी आधार कार्डों के संबंध में पुलिस के अनुसार महिला ने पूछताछ में बताया कि ये आधार कार्ड उसे जुल्फेकार उर्फ बब्बू लंगड़ा ने बनवाकर दिए थे और इनका इस्तेमाल पहचान बदलकर कथित रूप से मुकदमे दर्ज कराने के लिए किया जाता था।
अमरोहा में दर्ज मुकदमे का भी उल्लेख
पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार महिला द्वारा कथित रूप से लिखवाए गए मुकदमों में थाना रजबपुर, जनपद अमरोहा में वर्ष 2020 में दर्ज मु0अ0सं0 262/2020, धारा 323/506/376(डी)/342 भादवि तथा धारा 3/4/17/18 पॉक्सो एक्ट का मामला भी शामिल है। पुलिस का कहना है कि प्रकरण में विवेचना एवं अन्य आवश्यक कार्रवाई जारी है। पुलिस द्वारा लगाए गए आरोप विवेचना के निष्कर्ष और न्यायालय की प्रक्रिया के अधीन हैं।