बाढ़ के बढ़ते खतरे के बीच नाव से गांव पहुंचे डीएम दीपक मीणा

Share

गोरखपुर। राप्ती, रोहिन, धाधरा और सरयू नदियों के बढ़ते जलस्तर के बीच जिला प्रशासन ने बाढ़ से निपटने की तैयारियां तेज कर दी हैं। गुरुवार को जिलाधिकारी दीपक मीणा ने विभिन्न बाढ़ प्रभावित और संवेदनशील क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण किया। डीएम खुद नाव से प्रभावित गांवों तक पहुंचे और ग्रामीणों से बातचीत कर जलभराव, आवागमन तथा राहत सुविधाओं की स्थिति जानी।जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि बाढ़ की स्थिति में लोगों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता रहे। प्रभावित क्षेत्रों में भोजन, स्वास्थ्य, आवागमन और सुरक्षा से जुड़ी व्यवस्थाओं में किसी तरह की कमी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने जलस्तर में होने वाले बदलाव की लगातार निगरानी करने तथा संवेदनशील गांवों में पहले से आवश्यक संसाधन उपलब्ध रखने के निर्देश दिए।प्रशासन के अनुसार वर्तमान में जिले के 39 गांव बाढ़ से प्रभावित हैं। प्रभावित क्षेत्रों में आवागमन और राहत-बचाव कार्य के लिए 58 नाव और 15 मोटर बोट सक्रिय की गई हैं। डीएम ने नावों और मोटर बोट की उपलब्धता की समीक्षा करते हुए कहा कि आवश्यकता वाले क्षेत्रों में संसाधन तत्काल पहुंचाए जाएं।read more:https://pahaltoday.com/manveer-singh-arrested-near-nepal-border-sent-to-punjab-under-tight-security/निरीक्षण के दौरान डीएम नाव से प्रभावित गांवों में पहुंचे और ग्रामीणों से सीधे संवाद किया। उन्होंने जलभराव, आवागमन की स्थिति और प्रशासन से मिल रही सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। ग्रामीणों की समस्याएं सुनने के बाद संबंधित अधिकारियों को मौके पर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। बच्चों, महिलाओं, बुजुर्गों और बीमार लोगों की सुरक्षा को विशेष प्राथमिकता देने को कहा।डीएम ने कहा कि बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन पूरी तरह तैयार है। नदी के जलस्तर में होने वाले प्रत्येक बदलाव पर नजर रखी जा रही है। राजस्व, सिंचाई, पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीमें क्षेत्र में सक्रिय रहें और किसी भी आपात स्थिति में तत्काल राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया जाए।उन्होंने अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ काम करने और किसी भी सूचना को नजरअंदाज नहीं करने के निर्देश दिए। जलस्तर बढ़ने या किसी नए क्षेत्र में जलभराव की सूचना मिलने पर तत्काल उच्चाधिकारियों को अवगत कराने को कहा। साथ ही प्रभावित गांवों में लोगों के आवागमन के लिए नावों की पर्याप्त व्यवस्था बनाए रखने और मोटर बोट को आपात स्थिति में तत्काल रवाना करने के निर्देश दिए।प्रशासन की ओर से चारों नदियों के तटवर्ती और संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार निगरानी की जा रही है। अधिकारियों को क्षेत्र में भ्रमण कर ग्रामीणों से संपर्क बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं।निरीक्षण के दौरान एडीएम वित्त एवं राजस्व जय प्रकाश व विधायक राजेश त्रिपाठी सहित संबंधित विभागों के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *