बहराइच।भारत सरकार के उल्लास–नव भारत साक्षरता कार्यक्रम के अंतर्गत वर्ष 2026-27 में 15 वर्ष एवं उससे अधिक आयु वर्ग के असाक्षरों के लिए आयोजित प्रथम मूलभूत साक्षरता एवं संख्यात्मकता मूल्यांकन परीक्षा जनपद बहराइच में रविवार, 20 सितम्बर 2026 को निर्धारित परीक्षा केंद्रों पर शांतिपूर्ण, निष्पक्ष एवं व्यवस्थित ढंग से सम्पन्न हुई।निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार परीक्षा प्रातः 10:00 बजे से सायं 05:00 बजे तक आयोजित की गई। जनपद में कुल 3,587 नवसाक्षरों ने उत्साह एवं आत्मविश्वास के साथ परीक्षा में प्रतिभाग किया। परीक्षा केंद्रों पर पहुंचने वाले परीक्षार्थियों में सीखने और अपने अर्जित ज्ञान को परखने को लेकर विशेष उत्साह देखने को मिला।
सुदृढ़ व्यवस्थाओं के बीच सम्पन्न हुई परीक्षा
परीक्षा के सफल एवं सुचारु संचालन के लिए जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी
आशीष कुमार सिंह के निर्देशन में जनपद स्तर पर व्यापक तैयारियाँ की गई थीं। सभी खंड शिक्षा अधिकारियों, प्रधानाध्यापकों एवं परीक्षा केंद्र प्रभारियों, शिक्षकों, शिक्षा मित्रों तथा संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को परीक्षा के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश पूर्व में ही उपलब्ध करा दिए गए थे।परीक्षा केंद्रों पर परीक्षार्थियों की उपस्थिति, बैठने की व्यवस्था, प्रश्नपत्र एवं अन्य परीक्षा सामग्री की उपलब्धता तथा परीक्षा संचालन से संबंधित आवश्यक व्यवस्थाएँ सुनिश्चित की गईं। जिला एवं विकासखंड स्तर के अधिकारियों और कार्मिकों द्वारा परीक्षा केंद्रों का अनुश्रवण करते हुए परीक्षा को निर्धारित प्रक्रिया एवं समय-सारिणी के अनुरूप सम्पन्न कराया गया।
पढ़ने-लिखने और गणितीय दक्षताओं का हुआ आकलन
उल्लास–नव भारत साक्षरता कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित इस मूल्यांकन परीक्षा में प्रतिभाग करने वाले नवसाक्षरों में सीखने की ललक और आत्मविश्वास स्पष्ट रूप से दिखाई दिया। नियमित शिक्षण-अधिगम गतिविधियों के माध्यम से अर्जित पढ़ने, लिखने तथा मूलभूत संख्यात्मक ज्ञान को परीक्षार्थियों ने मूल्यांकन के माध्यम से प्रदर्शित किया।मूल्यांकन परीक्षा का प्रमुख उद्देश्य 15 वर्ष एवं उससे अधिक आयु वर्ग के असाक्षरों द्वारा अर्जित मूलभूत साक्षरता एवं संख्यात्मकता दक्षताओं का आकलन करना है। इसके माध्यम से साक्षरता कार्यक्रम के अंतर्गत संचालित गतिविधियों के प्रभाव तथा नवसाक्षरों की अधिगम उपलब्धियों का आकलन करने में सहायता मिलेगी।
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साक्षरता से आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ते कदम
उल्लास–नव भारत साक्षरता कार्यक्रम का उद्देश्य ऐसे वयस्कों को साक्षर एवं सक्षम बनाना है, जो किसी कारणवश औपचारिक शिक्षा व्यवस्था से वंचित रह गए हैं। कार्यक्रम के माध्यम से उन्हें पढ़ने-लिखने एवं मूलभूत गणितीय ज्ञान के साथ-साथ दैनिक जीवन में उपयोगी व्यावहारिक ज्ञान से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।इस दृष्टि से यह मूल्यांकन परीक्षा केवल परीक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि नवसाक्षरों द्वारा अर्जित ज्ञान एवं दक्षताओं को परखने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। इसके परिणामों से भविष्य की साक्षरता गतिविधियों को अधिक प्रभावी एवं परिणामपरक बनाने में भी सहायता मिलेगी।
समन्वित प्रयासों से सफल हुआ आयोजन
परीक्षा के सफल आयोजन में सहयोग करने वाले सभी खंड शिक्षा अधिकारियों, प्रधानाध्यापकों, शिक्षकों, शिक्षा मित्रों, परीक्षा केंद्र प्रभारियों तथा संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों के प्रयासों की सराहना की गई।जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने कहा कि इतने बड़े स्तर पर परीक्षा का शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित संचालन सभी संबंधित कार्मिकों के समन्वित प्रयास का परिणाम है। उन्होंने परीक्षा में उत्साहपूर्वक प्रतिभाग करने वाले सभी 3,587 नवसाक्षरों को शुभकामनाएँ दीं।
उन्होंने कहा—
“साक्षरता व्यक्ति के आत्मविश्वास, सम्मान और आत्मनिर्भरता की आधारशिला है। उल्लास–नव भारत साक्षरता कार्यक्रम के माध्यम से समाज के प्रत्येक वंचित व्यक्ति तक शिक्षा एवं साक्षरता की पहुँच सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है। जनपद बहराइच में इस अभियान को और अधिक प्रभावी बनाते हुए अधिक से अधिक 15+ आयु वर्ग के असाक्षरों को साक्षरता की मुख्यधारा से जोड़ा जाएगा।”
शांतिपूर्ण एवं सफल रहा परीक्षा आयोजन
जनपद के निर्धारित परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा के दौरान आवश्यक व्यवस्थाएँ सुचारु रहीं। परीक्षा शांतिपूर्ण, निष्पक्ष एवं व्यवस्थित वातावरण में सम्पन्न हुई। जिला एवं विकासखंड स्तर से परीक्षा व्यवस्थाओं का सतत अनुश्रवण किया गया तथा आवश्यकता के अनुसार संबंधित अधिकारियों एवं कार्मिकों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।उल्लास–नव भारत साक्षरता कार्यक्रम के माध्यम से जनपद में साक्षरता की अलख को और व्यापक बनाने तथा शिक्षा से वंचित 15 वर्ष एवं उससे अधिक आयु वर्ग के व्यक्तियों को साक्षरता की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए निरंतर प्रयास किए जाने पर बल दिया गया।