शेरकोट । नगर के मोहल्ला समना सराय स्थित शिव मंदिर प्रांगण में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के छठे दिन कथाव्यास आचार्य पंडित हनु उपाध्याय ने भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं और राजा मोरध्वज की प्रेरणादायी कथा का विस्तार से वर्णन किया। कथा सुनकर श्रद्धालु भक्ति रस में डूब गए।आचार्य हनु उपाध्याय ने कहा कि राजा मोरध्वज की कथा त्याग, समर्पण और अटूट श्रद्धा का संदेश देती है। उन्होंने बताया कि सच्ची भक्ति वही है, जिसमें अहंकार का स्थान न हो और मनुष्य पूर्ण विश्वास के साथ ईश्वर की शरण ग्रहण करे। कथा के दौरान भगवान श्रीकृष्ण जन्मोत्सव का प्रसंग सुनाया गया, जिस पर मंदिर परिसर जय श्रीकृष्ण के जयकारों से गूंज उठा।कृष्ण जन्मोत्सव के अवसर पर आकर्षक झांकी सजाई गई। श्रद्धालु मधुर भजनों पर झूम उठे और भक्तिमय वातावरण में देर तक भजन-कीर्तन का दौर चलता रहा। मंदिर परिसर में बड़ी संख्या में महिला एवं पुरुष श्रद्धालुओं ने कथा का श्रवण कर धर्म लाभ प्राप्त किया।कथा में मुख्य यजमान विनीत त्यागी, आरती त्यागी, शीला त्यागी, रंजीत सिंह दारा, गौरव शर्मा, विमल शर्मा, राजेंद्र पाल, सुभाष चंद्र सैनी, जयप्रकाश त्यागी, ब्रजवीर जाट सहित अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे।