फिरोजाबाद। आउटसोर्स कर्मियों के भविष्य को सुरक्षित और पारदर्शी बनाने की दिशा में प्रदेश सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम के शुभारंभ के साथ आउटसोर्स कर्मियों के हित में कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। इसके तहत कर्मियों को प्रत्येक माह की एक से पांच तारीख के बीच मानदेय का भुगतान सुनिश्चित किया जाएगा। नए और पुराने सभी आउटसोर्स कर्मियों के ईपीएफ और ईएसआई खाते अनिवार्य रूप से खोले जाएंगे तथा मानदेय का भुगतान सीधे उनके बैंक खातों में किया जाएगा।इसी क्रम में बुधवार को पालीवाल हॉल में कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें सदर विधायक मनीष असीजा, जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा, मुख्य विकास अधिकारी शत्रोहन वैश्य और नगर आयुक्त प्रशांत नागर सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। जिले के विभिन्न विभागों में कार्यरत बड़ी संख्या में आउटसोर्स कर्मियों ने कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। लखनऊ में आयोजित मुख्यमंत्री के कार्यक्रम का लाइव प्रसारण भी देखा और सुना गया।read more:https://pahaltoday.com/ballia-police-receive-two-modern-interceptor-bikes-sp-omvir-singh-flags-them-off/
मनमाने कमीशन पर लगेगी रोक
सरकार की ओर से आउटसोर्स व्यवस्था में मनमाने और असमान कमीशन को खत्म कर एकीकृत एवं पारदर्शी व्यवस्था लागू करने की बात कही गई। एससी, एसटी, ओबीसी, ईडब्ल्यूएस, महिलाओं और दिव्यांगजनों के लिए नियमानुसार आरक्षण का अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा। कोई भी सेवा प्रदाता एजेंसी विभाग और यूपी आउटसोर्स सेवा निगम की सहमति के बिना किसी कर्मी को हटाने की कार्रवाई नहीं कर सकेगी।प्रत्येक आउटसोर्स कर्मी का निगम में माइग्रेशन किया जाएगा। उन्हें विशिष्ट यूनिक कोड और पहचान पत्र भी जारी किया जाएगा। कर्मियों की कार्यक्षमता और दक्षता बढ़ाने के लिए समय-समय पर प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।
चार श्रेणियों में तय होगा न्यूनतम मानदेय
सदर विधायक मनीष असीजा ने कहा कि सरकार का यह निर्णय आउटसोर्स कर्मियों के लिए क्रांतिकारी कदम है। उन्होंने बताया कि आउटसोर्स कर्मियों को चार श्रेणियों में बांटा गया है। हाईली स्किल्ड श्रेणी में एमबीबीएस, बीटेक, एमकॉम आदि योग्यता वाले कर्मियों को न्यूनतम 40 हजार रुपये मानदेय मिलेगा। स्किल्ड और तकनीकी कर्मियों के लिए 25 हजार रुपये, सेमी स्किल्ड ड्राइवर, इलेक्ट्रीशियन और पैरामेडिकल कर्मियों के लिए 22 हजार रुपये, जबकि सफाईकर्मी, चौकीदार और लिफ्ट ऑपरेटर जैसे सपोर्ट स्टाफ के लिए 20 हजार रुपये न्यूनतम मानदेय निर्धारित किया गया है।
उत्पीड़न पर शिकायत का प्रभावी निस्तारण
जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा ने कहा कि प्रदेश सरकार का यह ऐतिहासिक निर्णय आउटसोर्स कर्मियों के लिए बड़ा अवसर है। उन्होंने कहा कि किसी सेवा प्रदाता संस्था द्वारा आउटसोर्स कर्मियों के उत्पीड़न की शिकायत सामने आती है तो निगम के माध्यम से उसका प्रभावी निस्तारण कराया जाएगा। नए निगम के गठन से सरकारी विभागों में आउटसोर्स कर्मियों के संबंध में एकरूपता आएगी और मानदेय व सुविधाओं को लेकर होने वाली विसंगतियां एवं विवाद कम होंगे।
कर्मियों को प्रमाण पत्र और किट वितरित
कार्यक्रम के दौरान उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार बोर्ड के लाभार्थियों विकास कुमार, हर्षवर्धन, सिंटू कुमार, अब्दुल रहीम, सचिन कुमार और संतोष कुमार को प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। वहीं नगर निगम के आउटसोर्स कर्मियों आकाश, रवि, पंकज, राजन और रोहित सहित अन्य कर्मियों को किट वितरित की गईं।मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि सुशासन की पहली शर्त संवेदनशीलता है। सरकार आउटसोर्स कर्मियों के अधिकारों, सुरक्षा और पारदर्शिता को सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।