विखण्डनवादी युग में महा औषधि है रामचरित मानस: डॉ दीक्षित

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बाराबंकी। पीएम श्री राजकीय इण्टर कालेज, बाराबंकी स्थित डॉ राधाकृष्णन सभागार में अवध भारती संस्थान, उत्तर प्रदेश के तत्वावधान में तुलसी जयन्ती एवं रामचरित मानस- गायन प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि डॉ श्याम सुंदर दीक्षित ने कहा कि आज के विखण्डनवादी युग में समाज के लिए सामाजिक समरसता और सामंजस्य, औषधि की तरह आवश्यक है, और यह महा औषधि तुलसी कृत रामचरितमानस में अपनी समग्रता में उपस्थित है। विशिष्ट अतिथि डॉ अम्बरीष अम्बर ने तुलसीदास के जीवन से सम्बंधित छंद तथा श्रीराम से सम्बंधित एक प्रेरणादायक गीत- बहू में बेटी नजर आए….पढ़कर खूब तालियां बटोरीं।

read more:https://pahaltoday.com/manveer-singh-arrested-near-nepal-border-sent-to-punjab-under-tight-security/विशिष्ट अतिथि डॉ दिनेश कुमार सिंह, समन्वयक वीणा सुधाकर ओझा महाविद्यालय ने कहा कि रामचरित मानस की रचना में लोकमंगल की अवधारणा को सामूहिक परिप्रेक्ष्य में चरितार्थ करना है। प्रिंसिपल राधेश्याम ने कहा कि रामचरित मानस के सर्वाधिक लोकप्रिय होने के कारणों में जन-भाषा में रचना और लोकमंगल की कामना से पारिवारिक संबन्धों की आदर्श प्रस्तुति है। अध्यक्षीय संबोधन में आयोजक, संस्था सचिव साहित्यकार प्रदीप सारंग ने अतिथिगण एवं विद्यालय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ष्प्रत्येक नागरिक को रामचरित मानस का उत्तरकाण्ड अवश्य पढ़ना चाहिए, जिसमें सामाजिक संदेशों की श्रृंखला विद्यमान है। तुलसी जयन्ती पर आयोजित संगोष्ठी में पीटीए अध्यक्ष पूनमदेवी, शिक्षक सुशील कुमार द्विवेदी, राम अधार भारती ने भी संबोधित किया। अंत में मानस गायन प्रतियोगिता के विजेता छात्रों को पुरस्कार स्वरूप रामचरित मानस और अंगवस्त्र प्रदान किए गए। संगोष्ठी में शिक्षिका आशा, कुटुज भारती एवं शिक्षक अवधेश अवस्थी, प्रदीप कुमार ने उपस्थित रहकर विशेष सहयोग प्रदान किया।

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