गाजीपुर। जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला की अध्यक्षता में बुधवार देर शाम कलेक्ट्रेट सभागार में सीएम डैशबोर्ड एवं आईजीआरएस की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिलाधिकारी ने विभिन्न विभागों में संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की बिंदुवार समीक्षा करते हुए अधिकारियों को योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और पात्र लाभार्थियों तक उनका लाभ पहुंचाने के निर्देश दिए।समीक्षा के दौरान विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना, समाज कल्याण विभाग की छात्रवृत्ति एवं पेंशन योजनाओं सहित अन्य योजनाओं की प्रगति की जानकारी ली गई। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों से योजनाओं के क्रियान्वयन की विस्तृत जानकारी प्राप्त करते हुए सभी महाविद्यालयों के साथ समन्वय बैठक आयोजित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि योजनाओं की जानकारी अधिक से अधिक पात्र लोगों तक पहुंचाई जाए, ताकि कोई भी पात्र लाभार्थी सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे।जिलाधिकारी ने तहसील स्तर पर भी बैठकें आयोजित कर योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी प्रकार की लापरवाही न हो और निर्धारित लक्ष्य समय से पूरा किया जाए।read more:https://pahaltoday.com/lodheshwar-mahadev-corridor-to-boost-pilgrimage-dr-dilip-agnihotri/
बैठक में राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को योजनाओं की प्रगति की पोर्टल पर समयबद्ध फीडिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि शासन स्तर पर योजनाओं की वास्तविक स्थिति स्पष्ट रूप से प्रदर्शित हो सके।इसके बाद जिलाधिकारी ने आईजीआरएस पर प्राप्त शिकायतों एवं उनके निस्तारण की स्थिति की समीक्षा की। जिन विभागों को असंतोषजनक फीडबैक प्राप्त हुआ, उस पर उन्होंने नाराजगी जताते हुए संबंधित अधिकारियों को शिकायतों के निस्तारण की गुणवत्ता की समीक्षा करने के निर्देश दिए।उन्होंने स्पष्ट कहा कि आईजीआरएस पर प्राप्त प्रत्येक शिकायत का निस्तारण केवल औपचारिकता के रूप में नहीं, बल्कि शिकायतकर्ता की समस्या का वास्तविक समाधान सुनिश्चित करते हुए किया जाए। सभी विभागाध्यक्ष शिकायतों का समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण एवं संतोषजनक निस्तारण सुनिश्चित करें, ताकि आमजन को शासन-प्रशासन की योजनाओं और सेवाओं का प्रभावी लाभ मिल सके।जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि आईजीआरएस में प्राप्त असंतुष्ट फीडबैक वाले मामलों की विशेष रूप से समीक्षा कर कमियों को दूर किया जाए। उन्होंने कहा कि जनशिकायतों के निस्तारण में किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर जिम्मेदारी तय की जाएगी।