औराई, भदोही। नगर पंचायत घोसिया के वार्ड संख्या-9 (इमलाहा) निवासी मोहम्मद कासिम नदीमी ने गुरुवार को जिलाधिकारी शैलेश कुमार को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपकर मदरसा अहयाउल उलूम, घोसिया में वर्ष 2022 से सामने आई कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की। शिकायतकर्ता का कासिम नदीमी का आरोप है कि वर्ष 2022 में जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी द्वारा किए गए निरीक्षण में कई गंभीर अनियमितताएं सामने आई थीं, लेकिन चार वर्ष बीत जाने के बाद भी न तो मामले का अंतिम निस्तारण हुआ और न ही दोषियों के विरुद्ध कोई प्रभावी कार्रवाई की गई। ज्ञापन में कहा गया है कि मदरसे में छात्र संख्या को लेकर गंभीर सवाल उठे थे। शिकायतकर्ता का दावा है कि मदरसे के आलिया स्तर पर चार शिक्षकों की नियुक्ति और वेतन भुगतान हो रहा है, जबकि वहां अध्ययनरत छात्रों की संख्या नगण्य अथवा नहीं के बराबर है। ऐसे में बिना पर्याप्त छात्र संख्या के शिक्षकों के वेतन भुगतान तथा सरकारी अनुदान के उपयोग की निष्पक्ष जांच आवश्यक है। कासिम नदीमी ने आरोप लगाया कि मदरसे को मिलने वाले सरकारी अनुदान, वित्तीय अभिलेख, शिक्षकों की वास्तविक उपस्थिति, शिक्षण कार्य, भवन, खेल मैदान, वेतन भुगतान तथा प्रबंध समिति के कार्यों की गहन जांच अब तक नहीं कराई गई।read more:https://pahaltoday.com/district-magistrate-holds-meeting-of-the-district-drinking-water-and-sanitation-mission-issues-directives/
उन्होंने यह भी कहा कि मदरसे के प्रशासनिक एवं प्रबंधकीय मामलों में कथित रूप से बाहरी व्यक्तियों का हस्तक्षेप हो रहा है, जिससे संस्थान की कार्यप्रणाली प्रभावित हो रही है। ज्ञापन के अनुसार, शिकायतकर्ता ने वर्ष 2022 से अब तक कई बार आईजीआरएस पोर्टल के माध्यम से शिकायतें दर्ज कराईं। कुछ शिकायतों का निस्तारण उच्च अधिकारियों के स्तर पर भेजे जाने की बात कही गई, लेकिन आज तक किसी भी शिकायत पर अंतिम एवं प्रभावी कार्रवाई नहीं हो सकी। इससे शिकायतकर्ता ने प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए हैं।शिकायतकर्ता ने जिलाधिकारी से मांग की है कि पूरे प्रकरण की जांच किसी स्वतंत्र एजेंसी अथवा मंडलीय/राज्य स्तरीय जांच टीम से कराई जाए। साथ ही मदरसे के समस्त सरकारी अनुदानों का विशेष वित्तीय ऑडिट, शिक्षकों की उपस्थिति का सत्यापन, छात्र संख्या का भौतिक परीक्षण, भवन एवं खेल मैदान सहित अन्य सुविधाओं की जांच कर दोषी पाए जाने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध विधिक एवं विभागीय कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि लगातार शिकायतें करने के कारण उन्हें कथित रूप से धमकियां मिल रही हैं। इसलिए उन्होंने स्वयं एवं अपने परिवार की सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग भी जिलाधिकारी से की है। कासिम नदीमी का कहना है कि यह मामला केवल एक मदरसे का नहीं, बल्कि सरकारी धन की पारदर्शिता और शिक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता से जुड़ा है। उन्होंने मांग की कि जांच रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए और दोषियों के विरुद्ध निष्पक्ष एवं समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि भविष्य में सरकारी योजनाओं और अनुदानों का दुरुपयोग न हो सके।