लखनऊ। छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर विनय कुमार पाठक की प्रेरणा और मार्गदर्शन में पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग में स्नातक एवं परास्नातक के विद्यार्थियों के लिए दो विशेष कार्यशालाओं का आयोजन किया गया। इन कार्यशालाओं का उद्देश्य विद्यार्थियों के भीतर संचार कौशल, अनुकूलनशीलता, जिज्ञासा, खोजी दृष्टिकोण तथा आत्मविश्वास का विकास करना था, ताकि वे मीडिया उद्योग की व्यावहारिक चुनौतियों के लिए स्वयं को तैयार कर सकें। संचार कौशल आधारित कार्यशाला में पत्रकारिता प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों ने विभिन्न रचनात्मक एवं व्यावहारिक गतिविधियों में भाग लिया। इनमें ब्रेकिंग समाचार तैयार कर प्रस्तुत करना, अपने पसंदीदा अभिनेता, राजनेता, समाचार एंकर अथवा सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर की शैली में समाचार वाचन करना तथा भविष्य की कल्पना करते हुए “भविष्य से लाइव रिपोर्टिंग” जैसी रोचक गतिविधियाँ शामिल थी। इनके माध्यम से छात्रों ने अपनी रचनात्मकता, प्रस्तुतीकरण कौशल, भाषा पर पकड़ तथा त्वरित निर्णय क्षमता का प्रभावी प्रदर्शन किया। read more:https://khabarentertainment.in/509-vidyut-sakhis-in-bijnor-receive-thermal-printers-instant-electricity-bill-receipts-will-now-be-available-at-doorsteps/टीवी प्रोडक्शन विषय पर हुई दूसरी कार्यशाला में पत्रकारिता अन्तिम वर्ष के छात्रों ने टीवी न्यूज निर्माण के सभी चरणों का प्रायोगिक तौर पर अध्ययन किया और हैंड्सऑन प्रैक्टिस भी की। दिल्ली से आई प्रोफेसर ऑफ प्रैक्टिस श्वेता अरोरा ने छात्रों को टीवी न्यूज प्रोडक्शन की बारीकियां समझाईँ। इस मौके पर विभागाध्यक्ष डॉ दिवाकर अवस्थी ने कहा कि पत्रकारिता के छात्रों के सर्वांगीण विकास और कौशल विकास के लिए इस तरह की कार्यशालाएँ बहुत मददगार होती है, इस प्रकार की कार्यशालाओं का आयोजन आगे भी किया जायेगा। टीवी प्रोडक्शन के कार्यशाला का संयोजन डॉ. ओमशंकर गुप्ता एवं सागर कनौजिया ने किया। डॉ. ओमशंकर गुप्ता ने कहा कि टीवी पत्रकार बनने के लिए टीवी प्रोडक्शन की बारीकियों को समझना ज़रूरी है; प्रायोगिक कार्य से तकनीकी कुशलता आती है।संचार कौशल आधारित कार्यशाला का संयोजन डॉ होइमावती तालुकदार एवं शोध छात्रा मुक्ति गुप्ता ने किया। डॉ होइमावती तालुकदार ने कहा कि मीडिया में छात्रों को अलग अलग भूमिकाएं निभाना आना चाहिए, मीडिया में करियर बनाने के लिए संचार कौशल आवश्यक है। कार्यशाला के दौरान विभाग के सह आचार्य डॉ योगेन्द्र पाण्डेय, सहायक आचार्य डॉ जितेन्द्र डबराल, डॉ रश्मि गौतम, डॉ हरिओम कुमार, प्रेम किशोर शुक्ला उपस्थित रहे।