सोनभद्र। विकासखंड कोन के तरिया क्षेत्र स्थित खलटंगवा गांव में गुरुवार को पेड़ हैं तो प्राण हैं जनआंदोलन के तहत फलदार पौधों का वितरण किया गया। इस दौरान ग्रामीणों को पर्यावरण संरक्षण के साथ पौधों की सुरक्षा के लिए संकल्प दिलाया गया।किसान नौजवान संघर्ष मोर्चा के संयोजक संदीप मिश्र ने कहा कि आदिवासी समाज वर्षों से जल, जंगल और जमीन की रक्षा करता आया है। उन्होंने आरोप लगाया कि बड़े कॉरपोरेट समूह जंगलों का दोहन कर रहे हैं, जिसे आदिवासी समाज बर्दाश्त नहीं करेगा।read more:https://khabarentertainment.in/509-vidyut-sakhis-in-bijnor-receive-thermal-printers-instant-electricity-bill-receipts-will-now-be-available-at-doorsteps/ उन्होंने कहा कि यह संघर्ष आदिवासी मूलनिवासियों की अस्मिता और अधिकारों की रक्षा का है। तरिया के सामाजिक कार्यकर्ता लक्ष्मण वादी ने कहा कि जल, जंगल और जमीन आदिवासी पूर्वजों की धरोहर है और इसकी रक्षा हर हाल में की जाएगी। वहीं ग्रामीण कन्हैया चेरो ने कहा कि यह केवल जंगल बचाने की नहीं, बल्कि आदिवासी अस्मिता की लड़ाई है। रामसूरत सिंह खरवार ने कहा कि किसी भी परिवार को उजड़ने नहीं दिया जाएगा और इसके लिए हर स्तर पर संघर्ष किया जाएगा। कार्यक्रम में योगेंद्र, राघवेंद्र, सीताराम गोंड, दिनेश चेरो, बाबा बैगा, बासमती, रननो, विंदू खरवार सहित सैकड़ों ग्रामीण उपस्थित रहे।