अयोध्या : सावन मेले के दौरान श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में उमड़ने वाली लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को अभूतपूर्व रूप दिया गया है।पूरे मेले के दौरान राम मंदिर की सुरक्षा का दायित्व उत्तर प्रदेश एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (एटीएस) के नेतृत्व में बहुस्तरीय सुरक्षा एजेंसियों के पास रहेगा।सावन मेले में 15 से 20 लाख श्रद्धालुओं के आने की संभावना है। यह मेला पूरे एक पखवाड़े तक आयोजित होता है।इस दौरान राम मंदिर में रोजाना दो लाख से अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। मुख्य पर्व पर यह संख्या बढ़ सकती है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्र की निगरानी करीब 800 हाई-रिजोल्यूशन सीसीटीवी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित स्मार्ट कैमरों से की जाएगी, जो संदिग्ध गतिविधियों और भीड़ के दबाव पर तत्काल अलर्ट देंगे।श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने की स्थिति में रामलला के दर्शन का समय बढ़ाया जाएगा, ताकि लंबी कतारों में लगे श्रद्धालुओं को जल्द दर्शन मिल सकें। सुरक्षा, दर्शन और भीड़ प्रबंधन को लेकर ट्रस्ट, पुलिस, प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों के बीच लगातार समन्वय बनाया जा रहा है। ट्रस्ट का प्रयास है कि श्रद्धालुओं को सुरक्षित, व्यवस्थित और सुगम दर्शन के साथ अधिकतम सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।read more:https://khabarentertainment.in/major-action-by-the-food-safety-department-sauce-factory-raided-550-kg-of-stock-destroyed/
गर्मी से राहत के लिए विशेष इंतजाम
सावन मेले में उमस और तेज धूप को देखते हुए श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए दर्शन मार्ग पर बड़े पैमाने पर तिरपाल (शेड) लगाए गए हैं। यात्री सुविधा केंद्र से लेकर अंगद टीला निकासी मार्ग तक भी अब तिरपाल लगा दी गई है। इससे श्रद्धालुओं को तेज गर्मी व धूप से राहत मिलेगी। यही नहीं दर्शन पथ पर बिछाए गए मैट पर निरंतर पानी का छिड़काव किया जा रहा है ताकि श्रद्धालुओं के पांव न जलें इसके साथ ही पेयजल, मिस्ट फैन, चिकित्सा सहायता, व्हीलचेयर, प्राथमिक उपचार केंद्र और अतिरिक्त स्वयंसेवकों की भी व्यवस्हएसपी सुरक्षा विजय शंकर मिश्रा का कहना है कि मंदिर परिसर में प्रवेश करने वाले प्रत्येक श्रद्धालु की आधुनिक उपकरणों से जांच की जाएगी। एटीएस, पीएसी, सीआरपीएफ, पुलिस, बम निरोधक दस्ता, डॉग स्क्वॉड और खुफिया इकाइयों को भी तैनात किया जाएगा। कंट्रोल रूम से पूरे परिसर की 24 घंटे निगरानी होगी और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए त्वरित प्रतिक्रिया दल (क्यूआरटी) भी अलर्ट रहेगा।