नगर पालिका परिषद सोनभद्र में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन (सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट) व्यवस्था को अधिक प्रभावी एवं पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से क्षमता निर्माण कार्यशाला एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यशाला की अध्यक्षता अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) एवं प्रभारी अधिकारी स्थानीय निकाय ने की।
कार्यशाला में नगर विकास विभाग के अधिशासी अधिकारी चुर्क-घूर्मा अमित सरोज तथा जिला प्रबंधक सत्यम पाण्डेय ने मास्टर ट्रेनर के रूप में प्रशिक्षण दिया। इसमें जनपद के सभी नगर निकायों के अधिशासी अधिकारी, लिपिक, कंप्यूटर ऑपरेटर एवं संबंधित विभागीय कर्मचारी शामिल हुए। प्रशिक्षण के दौरान प्रमुख प्रावधानों, श्रोत स्तर पर कचरे के पृथक्करण, गार्बेज वल्नरेबल प्वाइंट (जीवीपी) एवं बल्क वेस्ट जनरेटर की पहचान और उनके प्रभावी प्रबंधन की जानकारी दी गई। साथ ही ठोस अपशिष्ट प्रबंधन से जुड़े जनजागरूकता कार्यक्रमों और स्वच्छता गतिविधियों को प्रभावी बनाने पर भी जोर दिया गया।readmore:https://khabarentertainment.in/prof-dr-rajendra-rajput-receives-guru-shree-2026-award-at-national-level-brings-honour-to-ghazipur/…………….कार्यशाला में स्वच्छतम पोर्टल पर समयबद्ध एवं शत-प्रतिशत शुद्धता के साथ डेटा फीडिंग, ऑनलाइन रिपोर्टिंग तथा नवीन प्रावधानों के अनुरूप कार्य करने की प्रक्रिया का भी विस्तृत प्रशिक्षण दिया गया। मास्टर ट्रेनर्स ने अधिकारियों एवं कंप्यूटर ऑपरेटरों को बेहतर डेटा प्रबंधन और रिपोर्टिंग की सर्वोत्तम कार्यप्रणालियों से अवगत कराया। अधिकारियों ने कहा कि इस प्रशिक्षण का उद्देश्य नगर निकायों की कार्यक्षमता बढ़ाना, समय पर सटीक जानकारी उपलब्ध कराना तथा जनपद में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ एवं प्रभावी बनाना है।