बाल श्रम पर मुबारकपुर में बड़ी कार्रवाई, मिठाई की दुकानों और रेस्टोरेंटों में मिले 8 नाबालिग, संचालकों को नोटिस

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बाल श्रम उन्मूलन अभियान के तहत गुरुवार को आजमगढ़ के मुबारकपुर कस्बे में प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए विभिन्न प्रतिष्ठानों पर सघन जांच अभियान चलाया। एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग (एएचटी) थाना और श्रम विभाग की संयुक्त टीम ने मिठाई की दुकानों, रेस्टोरेंटों तथा अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों का औचक निरीक्षण किया। जांच के दौरान आठ नाबालिग बच्चों से काम कराए जाने का मामला सामने आया, जिसके बाद संबंधित प्रतिष्ठान संचालकों के विरुद्ध श्रम विभाग ने नियमानुसार कार्रवाई शुरू कर दी।संयुक्त टीम ने अभियान के दौरान मिले सभी बाल श्रमिकों को तत्काल कार्य से मुक्त कराया और उनके परिजनों को मौके पर बुलाकर भविष्य में बच्चों से किसी भी प्रकार का श्रम न कराने की सख्त चेतावनी दी। अधिकारियों ने अभिभावकों को बताया कि बच्चों को शिक्षा का अधिकार प्राप्त है और कम उम्र में मजदूरी कराना कानूनन अपराध है। बच्चों की पढ़ाई और सुरक्षित भविष्य सुनिश्चित करना परिवार और समाज दोनों की जिम्मेदारी है।निरीक्षण के दौरान जिन प्रतिष्ठानों में बाल श्रमिक कार्य करते पाए गए, उनके संचालकों को श्रम विभाग की ओर से नोटिस जारी किए गए। विभागीय अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि बाल श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) कानून के उल्लंघन के मामलों में नियमानुसार आगे भी कार्रवाई की जाएगी। यदि दोबारा किसी प्रतिष्ठान पर नाबालिग बच्चों से काम कराए जाने की पुष्टि होती है तो संबंधित संचालकों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।read more :https://khabarentertainment.in/khadiya-bazar-kota-road-becomes-a-death-trap-commuters-plagued-by-potholes-and-waterlogging/अभियान के दौरान अधिकारियों ने दुकानदारों, व्यापारियों और स्थानीय नागरिकों को बाल श्रम के सामाजिक और कानूनी दुष्परिणामों के प्रति जागरूक किया। विभिन्न प्रतिष्ठानों पर जागरूकता पोस्टर लगाए गए तथा लोगों से अपील की गई कि यदि कहीं भी किसी बच्चे से मजदूरी कराई जाती दिखाई दे तो इसकी सूचना तत्काल संबंधित विभाग को दें।टीम ने आमजन को विभिन्न आपातकालीन और सहायता हेल्पलाइन नंबरों की भी जानकारी दी। इनमें 108 (एम्बुलेंस सेवा), 112 (आपातकालीन पुलिस सहायता), 1090 (महिला हेल्पलाइन), 1930 (साइबर हेल्पलाइन), 1098 (चाइल्ड हेल्पलाइन), 1076 (मुख्यमंत्री हेल्पलाइन) तथा 181 (महिला सहायता हेल्पलाइन) शामिल हैं। अधिकारियों ने कहा कि किसी भी बच्चे के शोषण, बाल श्रम, मानव तस्करी अथवा उत्पीड़न की जानकारी मिलने पर इन हेल्पलाइन नंबरों पर तत्काल सूचना देकर बच्चे की सहायता की जा सकती है।यह संयुक्त अभियान वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देशन तथा अपर पुलिस अधीक्षक (यातायात) एवं नोडल अधिकारी एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग के पर्यवेक्षण में प्रभारी निरीक्षक अभयराज मिश्र और श्रम विभाग की टीम द्वारा चलाया गया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जिले में बाल श्रम और मानव तस्करी के विरुद्ध अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा और कानून का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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