गाजीपुर। कुख्यात माफिया मुख्तार अंसारी (मृत) के आईएस-191 गैंग के खिलाफ चल रही कार्रवाई के तहत गाजीपुर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए गैंग से जुड़े शस्त्र लाइसेंसों की जांच में अनियमितता मिलने पर अफशां अंसारी समेत तीन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस का दावा है कि जांच के दौरान कई शस्त्रों की वर्तमान स्थिति का पता नहीं चल सका, जबकि लाइसेंस और शस्त्रों की खरीद-बिक्री से संबंधित मूल अभिलेख भी जिला मजिस्ट्रेट कार्यालय से गायब पाए गए।पुलिस उपमहानिरीक्षक, वाराणसी परिक्षेत्र के निर्देश पर संगठित अपराधियों और माफियाओं के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत अपर पुलिस अधीक्षक नगर एवं ग्रामीण के नेतृत्व में क्षेत्राधिकारियों और थाना प्रभारियों की अलग-अलग टीमें गठित कर आईएस-191 गैंग के सदस्यों, सहयोगियों तथा मुख्तार अंसारी के परिजनों को जारी कुल 51 शस्त्र लाइसेंसों की जांच और भौतिक सत्यापन कराया जा रहा है।जांच में सामने आया कि कुछ शस्त्रों की खरीद-बिक्री में अनियमितताएं हुईं।read more:https://khabarentertainment.in/meritorious-students-honored-at-klgm-inter-college-incentive-amount-of-%e2%82%b961000-distributed/और उनसे संबंधित मूल पत्रावलियां जिला मजिस्ट्रेट कार्यालय से गायब करा दी गईं। पुलिस के अनुसार, तत्कालीन शस्त्र लिपिकों को प्रभाव में लेकर आपराधिक षड्यंत्र के तहत लाइसेंस और क्रय-विक्रय संबंधी अभिलेख हटाए गए, ताकि इन शस्त्रों का उपयोग गैंग के सदस्य अपराधों में कर सकें।इसी क्रम में अफशां अंसारी के नाम जारी शस्त्र लाइसेंस संख्या 1054/पी-11 की पत्रावली और खरीद-बिक्री के अभिलेख गायब मिलने तथा इस लाइसेंस पर खरीदे गए एनपीबी रिवॉल्वर संख्या ABM-4299 की वर्तमान स्थिति स्पष्ट न होने पर कार्रवाई की गई।पुलिस ने अफशां अंसारी (पत्नी स्वर्गीय मुख्तार अंसारी), तत्कालीन पटल सहायक प्रथम बृजनारायण राम (सेवानिवृत्त, मृतक) तथा तत्कालीन पटल सहायक द्वितीय भीष्म सिंह यादव के विरुद्ध थाना कोतवाली में मु.अ.सं. 0540/2026 के तहत धारा 409, 120-बी, 419 आईपीसी तथा आर्म्स एक्ट की धारा 21, 25 एवं 30 में मुकदमा दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है।पुलिस का कहना है कि शेष शस्त्र लाइसेंसों और शस्त्रों का सत्यापन अभी जारी है। जांच में जहां-जहां अनियमितताएं सामने आएंगी, वहां संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ भी विधिक कार्रवाई की जाए।