एम.एम.एच.कॉलेज,में वायु प्रदूषण मापक यंत्रों पर प्रशिक्षण एवं कार्यशाला का आयोजन

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गाजियाबाद स्थित एम.एम.एच.कॉलेज,के कुँवर बैचैन भवन में रसायन विज्ञान विभाग द्वारा वायु प्रदूषण मापन यंत्रों के अत्याधुनिक उपकरणों पर एक दिवसीय प्रशिक्षण एवं कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य शिक्षकों, शोधार्थियों एवं विद्यार्थियों को परिवेशीय वायु गुणवत्ता के वैज्ञानिक मापन,निगरानी एवं विश्लेषण की आधुनिक तकनीकों से परिचित कराना था।कार्यक्रम के मुख्य विशेषज्ञ डॉ.राजेन्द्र पी.गुप्ता एकोटेक् इंस्ट्रमेंट प्राइवेट लिमिटेड। उन्होंने वायु प्रदूषण मापन में प्रयुक्त विभिन्न उपकरणों की कार्यप्रणाली, संचालन, अंशांकन रखरखाव तथा उनके व्यावहारिक उपयोग की विस्तृत जानकारी दी।प्रशिक्षण के दौरान रेस्प्रब्ल सस्पेंडेड पर्टिकुलेट मेटर हाई वोल्युम संप्लर RSPM-HVS सहित अन्य वायु गुणवत्ता निगरानी उपकरणों का प्रदर्शन किया गया।
डॉ.गुप्ता ने बताया कि यह उपकरण परिवेशीय वायु में उपस्थित PM₁₀एवं अन्य प्रदूषकों के स्तर का वैज्ञानिक तरीके से आकलन करता है। उपकरण में साइक्लोन सेपरेटर ग्लास माइक्रोफाइबर फ़िल्टर तथा उच्च क्षमता वाले ब्लोअर की सहायता से वायु का नमूना एकत्र किया जाता है।नमूना संग्रहण के पश्चात फ़िल्टर के भार में हुए परिवर्तन एवं कुल वायु आयतन के आधार पर कणीय प्रदूषकों पर्टिकुलेट मैटर की सांद्रता का निर्धारण किया जाता है।उन्होंने वायु गुणवत्ता की निगरानी में *PM₂.₅, PM₁₀, कार्बन मोनोऑक्साइड CO, नाइट्रोजन डाइऑक्साइड NO₂,सल्फर डाइऑक्साइड SO₂तथा ओज़ोन O₃जैसे प्रमुख प्रदूषकों के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया की आधुनिक वायु गुणवत्ता निगरानी में सेंसर आधारित प्रणाली निरंतर परिवेशीय वायु गुणवत्ता निगरानी प्रणाली तथा विभिन्न विश्लेषणात्मक तकनीकों का व्यापक उपयोग किया जा रहा है।कार्यक्रम में प्रतिभागियों को उपकरणों के संचालन, नमूना संग्रहण डेटा विश्लेषण तथा गुणवत्ता नियंत्रण की व्यावहारिक जानकारी भी प्रदान की गई।प्रशिक्षण के अंत में प्रतिभागियों की जिज्ञासाओं का समाधान किया गया और वायु प्रदूषण अनुसंधान एवं पर्यावरण संरक्षण में इन उपकरणों की उपयोगिता पर विस्तार से चर्चा हुई।इस कार्यशाला में महाविद्यालय के विभिन्न विभागों के शिक्षकगण, शोधार्थी एवं रसायन विज्ञान विभाग के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।कार्यक्रम के समन्वयक डॉ. राजपाल त्यागी व डॉ.हरिदत्त शर्मा ने सभी प्रतिभागियों एवं विशेषज्ञ का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम विद्यार्थियों एवं शोधार्थियों की व्यावहारिक दक्षता को बढ़ाने के साथ-साथ पर्यावरणीय अनुसंधान को भी नई दिशा प्रदान करते हैं।read more:https://khabarentertainment.in/call-to-embrace-dr-syama-prasad-mookerjees-ideas-bjp-organizes-an-ideological-seminar/विभाग प्रभारी प्रो.स्मृति रायजादा ने डॉ.राजेन्द्र गुप्ता का अभिनंदन एवं स्वागत किया।प्रो.रवीन्द्र सिंह यादव चीफ प्रॉक्टर ने उन्हें पटका पहनाकर सम्मानित किया। कार्यक्रम में समस्त शिक्षक एवं छात्र-छात्राओं ने भाग लिया।

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