मुख्य विकास अधिकारी कुमार सौरभ की अध्यक्षता में दुर्गावती देवी सभागार, गाजियाबाद में जनपद स्तरीय गो-आश्रय स्थलों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में, मुख्यपशुचिकित्सा अधिकारी, जिलापंचायत राज अधिकारी, समस्त उपजिलाधिकारी / तहसीलदार, गो-आश्रय स्थलों के समस्त नोडल अधिकारी, समस्त खंड विकास अधिकारी, समस्त पशु चिकित्सा अधिकारी, नगर निगम के पशुचिकित्सा एवं पशु कल्याण अधिकारी एवं समस्त अधिशासी अधिकारियों ने प्रतिभाग किया।बैठक में गो-आश्रय स्थलों की व्यवस्थाओं, संरक्षित गोवंश के लिए हरे चारे की उपलब्धता, गोचर भूमि, गोवंश की टैंगिंग, टीकाकरण, डिवार्मिंग, प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई।read more:https://khabarentertainment.in/509-vidyut-sakhis-in-bijnor-receive-thermal-printers-instant-electricity-bill-receipts-will-now-be-available-at-doorsteps/मुख्य विकास अधिकारी ने समस्त खंड विकास अधिकारियों को निर्देशित किया कि जिन स्थानों पर गोचर भूमि उपलब्ध है, उसे तत्काल चिन्हित कर एक सप्ताह के भीतर हरा चारा उत्पादन सुनिश्चित कराया जाए। समस्त उपजिलाधिकारियों को पूर्व में चिन्हित गोचर भूमि को अतिक्रमणमुक्त कराने के निर्देश दिए गए। समीक्षा के दौरान उपजिलाधिकारी सदर द्वारा अवगत कराया गया कि कुछ भूमि अतिक्रमणमुक्त करा दी गई हैं, शेष भी 2 दिन में करा दी जाएगी। कब्जा मुक्त भूमि पर शीघ्र चारा उत्पादन कराने के निर्देश संबंधित खंड विकास अधिकारियों को दिए गए।गो-आश्रय स्थलों पर हरा चारा उत्पादन योजना के अंतर्गत उपलब्ध कराई गई धनराशि की समीक्षा में पाया गया कि तलहेटा में अभी तक चारा नहीं बोया गया है। इस पर संबंधित खंड विकास अधिकारी को तीन दिवस के भीतर स्थलीय निरीक्षण कर चारा बोने की कार्यवाही पूर्ण कराने के निर्देश दिए गए।निराश्रित गोवंश के संरक्षण हेतु अतिरिक्त शेड निर्माण के लिए पूर्व में निर्धारित लक्ष्यों के अनुसार कार्य पूर्ण कराने के निर्देश सभी खंड विकास अधिकारियों को दिए गए। साथ ही नए गो-आश्रय स्थलों की स्थापना के लिए भूमि चिन्हित करने हेतु समस्त तहसीलदारों को निर्देशित किया गया तथा सात दिवस के भीतर भूमि चिन्हांकन की कार्यवाही पूर्ण कराने को कहा गया।मुख्यमंत्री सहभागिता योजना के अंतर्गत संरक्षित गोवंश का 10 प्रतिशत सुपात्र व्यक्तियों को सुपुर्द किए जाने के निर्देशों का प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश सभी खंड विकास अधिकारियों, पशुचिकित्सा अधिकारियों एवं अधिशासी अधिकारियों को दिए गए। समीक्षा के दौरान विकास खंड भोजपुर द्वारा 20 गोवंश सुपुर्द किए जाने की सूचना प्राप्त हुई।साइलेज की उपलब्धता की समीक्षा करते हुए मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि प्रतिकूल परिस्थितियों में हरे चारे के विकल्प के रूप में साइलेज अत्यंत उपयोगी है। सभी खंड विकास अधिकारियों को तीन दिवस के भीतर साइलेज की उपलब्धता एवं टेंडर संबंधी सूचना उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए तथा किसी प्रकार का विलंब न करने की चेतावनी दी गई।गो-आश्रय स्थल मीरपुर हिन्दू, खिंदौड़ा, सोंदा एवं गुड़मंडी (मुरादनगर) में जलभराव तथा सोंदा में मार्ग पर कीचड़ की समस्या को तत्काल दूर कराने के निर्देश दिए गए।बैठक में बताया गया कि संरक्षित गोवंश में एच.एस. (Haemorrhagic Septicaemia) टीकाकरण एवं कृमिनाशन (Deworming) की कार्यवाही पूर्ण कर ली गई है, जिस पर मुख्य विकास अधिकारी ने संतोष व्यक्त किया।समीक्षा में पाया गया कि तल्हेटा, खंजरपुर, खिंदौड़ा,, कादराबाद (मोदीनगर), कान्हा गोशाला मोदीनगर तथा नगर निगम गाजियाबाद के गो-आश्रय स्थलों पर अभी तक शत-प्रतिशत टैगिंग नहीं हुई है। सभी पशु चिकित्सा अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि 20 जुलाई 2026 तक विशेष टैगिंग अभियान अंतर्गत शतप्रतिशत टैगिंग सुनिश्चित करें।बैठक में गो-आश्रय स्थलों पर स्थापित सीसीटीवी कैमरों की कार्यशीलता सुनिश्चित करने, हाल ही में किए गए वृक्षारोपण की सुरक्षा हेतु ट्री-गार्ड लगाने तथा आवश्यक व्यवस्थाएं उपलब्ध कराने के निर्देश भी संबंधित अधिकारियों को दिए गए।गो-आश्रय पोर्टल पर इन्वेंट्री एवं कंजम्पशन (Consumption) प्रविष्टियां समय से न किए जाने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए निर्देश दिए गए कि अगले सात दिवस के भीतर सभी लंबित प्रविष्टियां पूर्ण कराई जाएं।मुख्य विकास अधिकारी ने यह भी निर्देश दिए कि गो-आश्रय स्थलों पर पूर्व से संचालित अभिलेखों के अतिरिक्त दान में प्राप्त भूसा, पुआल, हरा चारा आदि का पृथक रजिस्टर तथा उत्पादित गोबर एवं जैविक खाद का पृथक अभिलेख अनिवार्य रूप से संधारित किया जाए।बैठक के अंत में शहरी क्षेत्र के समस्त गो-आश्रय स्थलों को निर्देशित किया गया कि वे कान्हा पोर्टल के माध्यम से समयबद्ध रूप से फंड रिक्वेस्ट की कार्यवाही सुनिश्चित करें तथा सभी निर्देशों का शत-प्रतिशत अनुपालन निर्धारित समय-सीमा में किया जाए।