बहराइच ( जरवल )। जरवल पावर हाउस के शेड्यूल और स्थानीय अधिकारियों की उदासीनता के कारण जिले के देहाती इलाकों में बिजली आपूर्ति तालमेल विहीन और असमान बनी हुई है। ग्रामीणों का आरोप है कि जेई और एसडीओ फोन नहीं उठाते तथा शुगर मिल फीडर को 24 घंटे बंद कर दिया जाता है, जबकि उत्तर प्रदेश सरकार के ग्राम्य विद्युत शेड्यूल के अनुसार ग्रामीण क्षेत्रों में रोज़ाना 18‑20 घंटे तक विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जानी चाहिए।read more:https://worldtrustednews.in/yogi-government-working-to-make-youth-skilled-in-line-with-industry-demand/
स्थानीय लोगों ने बताया कि पावर हाउस की मनमानी के चलते देहात क्षेत्र में अक्सर केवल 5‑6 घंटे बिजली दी जा रही है। इस निरंतर कटौती से बच्चों की पढ़ाई बाधित हो रही है और बुजुर्ग तथा बीमार नागरिक भीषण गर्मी में खासे परेशान हैं। पानी पम्प न चलने से पेयजल की समस्या और घरेलू कठिनाइयाँ बढ़ गई हैं। कई परिवारों ने दबाव बनाया कि यह स्थिति उनकी रोज़मर्रा की ज़िंदगी और आजीविका दोनों पर गंभीर असर डाल रही है।अधिकारी सम्पर्क हो रहा विफलस्थानीय निवासी कह रहे हैं कि जब समस्या के बारे में जानकारी या शिकायत दर्ज कराने की कोशिश की जाती है तो स्थानीय जेई व एसडीओ का फोन अक्सर रिसीव नहीं होता।
स्थानीय प्रतिनिधियों और नागरिकों ने मांग की है!शेड्यूल के अनुरूप ग्रामीण क्षेत्रों में न्यूनतम 18‑20 घंटे आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।शुगर मिल फीडर को तत्काल चालू किया जाए और बार‑बार बंद करने की प्रवृत्ति रोकी जाए।जेई व एसडीओ द्वारा मिलने वाली शिकायतों का रिकार्ड व जवाबदेही सार्वजनिक की जाए, फोन/हेल्पलाइन पर शीघ्र उत्तर देने का निर्देश जारी किया जाए। यदि समस्या का त्वरित और स्थायी समाधान न हुआ तो नागरिक शांतिपूर्ण प्रदर्शन या घेराव की चेतावनी दे रहे हैं।