सहारनपुर। आगामी श्रावण मास एवं कांवड़ यात्रा-2026 को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए सहारनपुर पुलिस ने व्यापक सुरक्षा एवं यातायात प्रबंधों को अंतिम रूप दे दिया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में कांवड़ मार्गों की मैपिंग कर सेक्टर और जोन व्यवस्था लागू की गई है। इसके साथ ही अस्थायी पुलिस चैकियों की स्थापना, 24 घंटे सक्रिय मोबाइल पुलिस टीमों की तैनाती तथा सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत किया जा रहा है। पुलिस प्रशासन के अनुसार 21 जुलाई से शुरू होने वाली कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी। यात्रा मार्गों पर प्रभावी ट्रैफिक डायवर्जन लागू रहेगा ताकि कांवड़ियों का आवागमन सुगम बना रहे। दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर कांवड़ियों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा और इसका उपयोग सामान्य वाहनों के लिए किया जाएगा। प्रमुख शिवालयों और संवेदनशील स्थलों पर अतिरिक्त पुलिस बल, सीसीटीवी कैमरे, पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था तथा पब्लिक एड्रेस सिस्टम की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। लगभग 250 अतिरिक्त सीसीटीवी कैमरों की सहायता से समर्पित कंट्रोल रूम से पूरे कांवड़ मार्ग की चैबीसों घंटे निगरानी की जाएगी। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित मानकों से अधिक ध्वनि प्रदूषण, अत्यधिक ऊंची झांकियां, स्टंटबाजी, संशोधित साइलेंसर वाले वाहन तथा कानून-व्यवस्था प्रभावित करने वाली गतिविधियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा सोशल मीडिया पर भी 24×7 निगरानी रखी जाएगी ताकि किसी प्रकार की अफवाह या भ्रामक सूचना को तत्काल रोका जा सके।read more:https://khabarentertainment.in/509-vidyut-sakhis-in-bijnor-receive-thermal-printers-instant-electricity-bill-receipts-will-now-be-available-at-doorsteps/कांवड़ सेवा शिविरों में श्रद्धालुओं के लिए स्वच्छ भोजन, शुद्ध पेयजल तथा आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित किया गया है। सहारनपुर पुलिस ने कांवड़ियों एवं आम नागरिकों से अपील की है कि वे यातायात नियमों का पालन करें, प्रशासन का सहयोग करें तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तत्काल सूचना पुलिस को दें। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने कहा कि सहारनपुर पुलिस का लक्ष्य कांवड़ यात्रा-2026 को पूरी तरह सुरक्षित, व्यवस्थित और घटना-मुक्त संपन्न कराना है। इसके लिए सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं तथा प्रत्येक व्यवस्था की लगातार समीक्षा की जा रही है।