आजमगढ़।जनपद में चकबंदी कार्यों में तेजी लाने और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार ने अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए हैं। बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित चकबंदी विभाग की समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि चकबंदी कार्यों में किसी भी प्रकार की अनियमितता या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। गड़बड़ी करने वाले चकबंदी लेखपालों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी तथा सभी लंबित चकबंदी कार्य अगस्त माह के अंत तक पूर्ण कराए जाएं।बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिलाधिकारी ने सभी चकबंदी अधिकारियों को नियमित रूप से न्यायालय में बैठने और लंबित मामलों के निस्तारण में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि न्यायालयों में लंबित वादों का समयबद्ध निस्तारण किया जाए, जिससे किसानों और ग्रामीणों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।जिलाधिकारी ने कहा कि जिन गांवों में चकबंदी की प्रक्रिया चल रही है, वहां से किसी भी प्रकार की शिकायत नहीं आनी चाहिए। उन्होंने सभी सहायक बंदोबस्त अधिकारियों (एसओसी) को नियमित रूप से गांवों का भ्रमण करने, ग्रामीणों के साथ बैठक आयोजित करने तथा उनकी समस्याओं को मौके पर सुनकर नियमानुसार समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।उन्होंने स्पष्ट कहा कि चकबंदी लेखपालों के कार्यों पर सतत निगरानी रखी जाए। यदि किसी लेखपाल द्वारा अनियमितता, भ्रष्टाचार अथवा कार्य में लापरवाही की शिकायत मिलती है तो उसके विरुद्ध तत्काल सख्त विभागीय कार्रवाई की जाए।समीक्षा बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने कार्य के प्रति लापरवाही बरतने पर चकबंदी अधिकारी सठियांव को स्पष्टीकरण नोटिस जारी करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी अपने दायित्वों का गंभीरता से निर्वहन करें और शासन की मंशा के अनुरूप समयबद्ध ढंग से कार्य पूर्ण कराएं।बैठक में जनपद के प्रक्रियाधीन चकबंदी ग्रामों की तहसीलवार एवं वर्षवार स्थिति की विस्तृत समीक्षा की गई। इसके अलावा 1 अप्रैल 2025 से प्रक्रियाधीन ग्रामों में प्रारूप 1 से 9 तक की प्रगति, चकबंदी न्यायालयों में लंबित आपत्तियों, अपीलों एवं निगरानी वादों के निस्तारण की स्थिति, सर्वाधिक पुराने 20 लंबित मामलों की सूची, आईजीआरएस पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों, मुख्यमंत्री संदर्भों तथा शासन स्तर से प्राप्त लंबित प्रकरणों की भी समीक्षा की गई।read more:https://pahaltoday.com/american-president-under-siege/जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि लंबित मामलों का गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए, ताकि चकबंदी प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहे और ग्रामीणों का विश्वास मजबूत हो।बैठक में मुख्य राजस्व अधिकारी एवं उपसंचालक चकबंदी संजीव ओझा, बंदोबस्त अधिकारी चकबंदी लालता प्रसाद अहिरवार, राम प्रवेश सिंह सहित जनपद के सभी एसओसी, सीओ एवं एसीओ उपस्थित रहे।