बड़हलगंज, गोरखपुर। विदेश में रोजगार दिलाने के नाम पर 31 युवकों से 30.12 लाख रुपये की कथित ठगी, फर्जी वीजा उपलब्ध कराने और विरोध करने पर जान से मारने की धमकी देने के मामले में न्यायालय के आदेश पर बड़हलगंज पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।ग्राम मामखोर निवासी विजय कुमार शुक्ल (52) ने न्यायालय में दिए प्रार्थना-पत्र में आरोप लगाया कि ग्राम खखाईजखोर निवासी वकील निषाद स्वयं को विदेश भेजने वाली कंपनियों का एजेंट बताता था। जनवरी 2025 में रोजगार के लिए विदेश जाने के इच्छुक 31 युवक उनके संपर्क में आए। युवकों ने विश्वास के आधार पर अपने पासपोर्ट, दस्तावेज और वीजा प्रक्रिया के लिए धनराशि विजय कुमार शुक्ल के माध्यम से आरोपी तक पहुंचाई।शिकायत के अनुसार, 3 सितंबर 2025 से 28 नवंबर 2025 के बीच प्रार्थी ने अपने बैंक खाते से 23.62 लाख रुपये तथा मुसाफिर यादव के खाते से 6.50 लाख रुपये आरोपी के खाते में स्थानांतरित किए। कुल 30.12 लाख रुपये लेने के बाद आरोपी ने कथित रूप से फर्जी वीजा उपलब्ध कराया। आरोप है कि सभी युवक कोलकाता एयरपोर्ट से वापस लौटा दिए गए।read more:https://pahaltoday.com/13479-rupees-refunded-to-the-account-of-the-victim-of-cyber-fraud/प्रार्थना-पत्र में यह भी आरोप लगाया गया है कि रुपये और पासपोर्ट वापस मांगने पर आरोपी ने कुछ पासपोर्ट लौटा दिए, लेकिन चार युवकों के पासपोर्ट अब तक अपने पास रखे हैं। लौटाए गए पासपोर्टों से वीजा के पन्ने भी फाड़ दिए गए। 3 मई 2026 को जब शिकायतकर्ता कुछ युवकों के साथ आरोपी के घर रुपये और पासपोर्ट मांगने पहुंचा तो आरोपी ने रकम लौटाने से इनकार करते हुए दोबारा मांग करने पर हत्या कराने की धमकी दी।शिकायतकर्ता का कहना है कि थाना बड़हलगंज और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से शिकायत के बावजूद कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद उन्होंने न्यायालय में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 173(4) के तहत प्रार्थना-पत्र प्रस्तुत किया।अपर सिविल जज (सीनियर डिवीजन)/एसीजेएम, गोरखपुर ने 2 जून 2026 को थाना बड़हलगंज को उचित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर विवेचना करने का आदेश दिया। न्यायालय के आदेश के अनुपालन में पुलिस ने 1 जुलाई 2026 को आरोपी वकील निषाद के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 318(4) एवं धारा 351(3) के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया।थानाध्यक्ष अतुल कुमार का कहना है कि मामले की विवेचना की जा रही है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।